फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। दामाद को सुलह समझौता करने के बहाने बुलाकर लाठी-डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया। जिसकी उपचार के दौरान मौत हो जाने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय कुमार ने अभियुक्त श्रीकृष्ण व गुड्डू और नन्हे को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास वह 5-५ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
विगत वर्ष 2020 में जनपद फिरोजाबाद के आजाद नगर गली नम्बर ४ लाइन पार निवासी ओम प्रकाश पुत्र रमेश चन्द्र कोतवाली मोहम्मदाबाद में दर्ज कराये मुकदमे में दर्शाया था कि उसका 30 वर्षीय भाई पवन कुमार की ससुराल ग्राम तेरा सकवाई मोहम्मदाबाद में है। पवन की पत्नी रामा देवी ने दहेज उत्पीडऩ का मुकदमा दर्ज कराया था, जो न्यायालय में विचाराधीन है। 18 दिसंबर २०२० को भाई पवन न्यायालय तारीख पर आया था। तो उसकी पत्नी रामा देवी व उसके भाई गुड्डू व नन्हे व पिता श्रीकृष्ण समझौता करने के वहाने भाई पवन को ग्राम तेरा सकवाई बुला ले गये। ग्राम के मोड़ पर शाम ६ बजे मेरे भाई को लाठी-डंडों से मारापीटा और मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया। उपचार के लिए सीएचसी मोहम्मदाबाद में भर्ती कराया। हालत बिगडऩे पर उपचार के लिए आगरा ले गये। जहां उपचार के दौरान 30 दिसंबर 2020 को उसकी मौत हो गयी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिय। बचाव पक्ष व शासकीय अधिवक्ताओं की कुशल पैरवी के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय कुमार ने अभियुक्त श्रीकृष्ण व गुड्डू और नन्हे को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास वह 5-५ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
दामाद की हत्या में ससुर सहित तीन को आजीवन कारावास
