फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। श्रीराधा वल्लभ धर्माथ सेवा समिति के संरक्षक अनमोल दीक्षित व उनकी टीम द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा षष्ठम दिन कथा की वक्ता वृंदावन से पधारी साध्वी आर्या पंडित ने चीरहरण व रासलीला व गोपी विरह का वर्णन की कथा सुनाई। उन्होंने चीरहरण की कथा में बताया कि गोपिया नित्यप्रति यमुना नदी में रात्रि में नग्न स्नान करती थी। वे अपने वस्त्र उतारकर नदी के किनारे रख देती थी। छह वर्ष की अवस्था में भगवान श्रीकृष्ण ने एक दिन उनके वस्त्र उठाकर पेड़ पर चढ़ गये। जब स्नान कर गोपियों ने देखा कि उनके वस्त्र नहीं है तो उन्होंने कृष्ण से वस्त्र देने को कहा। कृष्ण ने उनसे वस्त्र बाहर निकालकर आने को कहा। इस प्रकार गोपियों की चीरहरण लीला की। इसके बाद शरद पूर्णिमा के दिन कृष्ण से गोपियों से अर्दरात्रि को यमुना के किनारे मिलने को कहा और रासलीला करने के लिए कहा। सभी गोपियां शीघ्र ही सजधज कर आयी, परन्तु कृष्ण नहीं तो गोपियां बहुत दुखी हुई और बाद में कृष्ण आये तो उन्होंने अपनी शिकायत की। फिर कृष्ण से सभी के साथ नृत्य आदि कर आनन्द की प्राप्ती करायी। गीत के साथ गोपीविरह का वर्णन सुन श्रोता नृत्य करने पर विवश हो गये। साध्वी ने गीत गाकर कृष्ण की प्रार्थना की तेरे बिन जाय कहां ओर सांवरे, भक्तों ने नृत्य कर कथा का आनंद लिया। संचालन महेश पाल सिंह उपकारी ने किया। इस अवसर पर अनिल सिंह, अनिल प्रताप सिंह, जवाहर मिश्रा, भप्पू सोनी, अमरीश अग्निहोत्री, संजय पाठक, आलोक दीक्षित, रामवीर चौहान, अखिलेश द्विवेदी, शिवाय दीक्षित आदि लोग मौजूद रहे।
तेरे बिन जाए कहां ओ सांवरे गीत पर श्रोता हुए मंत्रमुग्ध
