एपीओ कुलदीप यादव की सजातीय प्रधानों को मनरेगा में लूट की खुली छूट
पहाड़पुर में बूढ़ी गंगा के भरे हुए पानी में कार्य कर रहे मनरेगा मजदूर
परमनगर गंगलऊ में ढूंढें नहीं मिला चकरोड
शमशाबाद, समृद्धि न्यूज। शमशाबाद विकासखंड में मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार इस कदर व्याप्त है कि घोटालेबाज प्रधानों से पार पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास तो नहीं हो रहा है, लेकिन विकास के नाम पर प्रधान व उच्च अधिकारी अपनी-अपनी जेबें जरूर भरकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसी ही ग्राम पंचायत है पहाड़पुर बैरागढ़ जहां सुरेश वर्मा के खेत से गंगा जी तक चकरोड पर मिट्टी का कार्य होना दर्शाया जा रहा है। जिसमें चार मस्टर रोल दर्शाकर 36 मनरेगा मजदूरों की हाजिरी मनरेगा पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। जिसमें 18 महिला मजदूर की भी हाजिरी मनरेगा पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। सबसे मज़ेदार बात तो यह है कि जिस जगह कार्य होना दर्शाया जा रहा है वहां कुछ समय पूर्व आई गंगा की बाढ़ का पानी भरा हुआ है, जो अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहा है। अगर वहां पर बाढ़ का पानी भरा हुआ है तो फिर मनरेगा के मजदूर क्या कागजों में ही चकरोड डाल रहे हैं। इस कार्य में जो 18 महिला मजदूर कार्य करते हुए दर्शायीं जा रही हैं उन्हें इस कार्य की कोई जानकारी ही नहीं है। जब इस संबंध में कार्य करने वाली महिलाओं से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके द्वारा की जा रही मजदूरी की उन्हें कोई जानकारी नहीं है और न ही उनके द्वारा कोई कार्य किया जा रहा है। यदि पानी में चकरोड पड़ रहा है तो इसकी जांच एपीओ कुलदीप यादव द्वारा क्यों नहीं की गई। इसकी भी अपनी एक वजह है। वह वजह यह है कि एपीओ कुलदीप यादव और प्रधान सजातीय है। एपीओ कुलदीप यादव का सीधा कहना है कि अगर उनके सजातीय प्रधान हैं तो उसको लूट की खुली छूट है। यह कार्य पिछले कई दिनों से कागजों में ही दौड़ाकर सरकारी खजाने को लूटने का कार्य ग्राम प्रधान रामबेटी यादव द्वारा किया जा रहा है। सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा शमसाबाद बिकास खंड की ग्राम पंचायत गंगलऊ परमनगर में देखने को मिला है। जहां शिशुपाल के खेत से संजीव के खेत तक मिट्टी का कार्य होना दर्शाया जा रहा है। इस कार्य में पांच मस्टर रोल दर्शाकर 40 मनरेगा मजदूरों की हाजिरी मनरेगा पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। यहां भी सबसे मज़ेदार बात यह है कि यहां पर कोई चकरोड धरातल पर नजर ही नहीं आ रहा है। यह कार्य भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है। यहां भी महिला मजदूरों की फर्जी हाजिरी मनरेगा पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। यहां 20 महिला मजदूरों की हाजिरी मनरेगा पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। इस संबंध में जब गांव के ग्रामीणों से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि उन्होंने आज तक किसी भी मजदूर को इस जगह काम करते हुए नहीं देखा है। उन्होंने बताया कि प्रधान के द्वारा दो चार लोगों को खड़ा कर फोटो खींच लिया जाता है और फोटो खींचने के बाद बापस कर दिया जाता हैं।
मनरेगा में लूट, पहाड़पुर बैरागढ़, परमनगर में कागजों में चल रहा फावड़ा
