महोबा: शिक्षामित्र का शव कुएं में उतराता मिला। बेटियों ने आरोप लगाया कि पिता एसआईआर कार्य के दबाव से परेशान थे। एसआईआर कार्य के दबाव में काम कर रहे शिक्षामित्र शंकरलाल राजपूत का शव गांव के पास एक कुएं में मिला। बेटियों का आरोप है कि रोजाना सैकड़ों फॉर्म भरने और अधिकारियों के लगातार दबाव के कारण उन्होंने आत्महत्या की। मौत से ग्रामीण और सहकर्मी आक्रोशित हैं और एसआईआर प्रणाली की समीक्षा की मांग कर रहे हैं।
महोबा जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र के पवा गांव में बुधवार सुबह शिक्षामित्र शंकरलाल राजपूत का शव गांव के पास स्थित एक कुएं में मिला। जिससे गांव में हडक़ंप मच गया। मृतक शंकरलाल सोमवार शाम से लापता थे। मृतक शंकरलाल प्राथमिक विद्यालय पवा में शिक्षामित्र के पद पर तैनात थे और करीब दो दिनों से घर नहीं लौटे थे। सूचना पर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया और पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वहीं सूचना मिलते ही एसडीएम शिवध्यान पांडेय, नायब तहसीलदार विकास गोयल और थाना श्रीनगर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक शंकरलाल की बेटी नीलम व अंजलि ने बताया कि पिता मतदाता सूची का कार्य कई दिनों से कर रहे थे। देर रात तक इसी काम में व्यस्त रहने से परेशान थे। लगातार फोन आने से वह दबाव में आ गए और घर से लापता हो गए। दो दिन बाद कुएं में शव मिला। आरोप है कि एसआईआर काम के दबाव से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। थानाध्यक्ष जयचंद्र सिंह का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
महोबा: शिक्षामित्र का कुएं में मिला शव, एसआईआर कार्य को लेकर रहते थे परेशान
