अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मेला श्रीरामनगरिया में सीढ़ी नंबर-6 के पास कल्पवास कर रहे राजेश पंडा की राउटी में उस समय अचानक आग लग गई, जब वे हवन-पूजन कर रहे थे। आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी राउटी जलकर राख हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर तुरंत काबू पा लिया। जिससे आसपास की राउटियों और आश्रमों को बड़ी क्षति से बचा लिया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इस आग की घटना ने मेले में अग्निसुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। बताया जा रहा है कि इस वर्ष मेला श्रीरामनगरिया में न तो फायर सिलेंडर लगाए गए हैं और न ही फायरवॉल जैसी कोई व्यवस्था की गई है, जबकि बीते वर्ष 2024 में मेला श्रीरामनगरिया में भीषण आग लगने से सैकड़ों झोपडिय़ां जलकर राख हो गई थीं और उस हादसे में कई लोगों की जान भी चली गई थी। इसके बावजूद मेला प्रशासन ने इस वर्ष सुरक्षा को लेकर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए। स्थानीय लोगों और कल्पवासियों का आरोप है कि आला अधिकारी केवल औपचारिक निरीक्षण कर लौट जाते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह रामभरोसे है। बताया गया कि पिछले वर्ष कुछ दलालों द्वारा फायर सिलेंडर बेचे गए थे। जो अब एक्सपायर हो चुके हैं और इस बार उनकी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में आग की घटनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। मेले में स्थित किसी भी आश्रम, राउटी या सैकड़ों दुकानदारों के पास फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। न फायर सेफ्टी बॉल न अग्निशमन उपकरण, सब कुछ केवल फायर ब्रिगेड के भरोसे छोड़ दिया गया है। कल्पवासियों का कहना है कि यदि किसी बड़े क्षेत्र में एक साथ आग लग गई, तो स्थिति भयावह हो सकती है। इस ताजा घटना के बाद श्रद्धालुओं और कल्पवासियों में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। फयर सिलेंडर, फायरवॉल और अन्य उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी अनहोनी से पहले प्रशासन जाग सके।
मेला श्रीरामनगरिया में हवन के दौरान राउटी में लगी आग, बड़ा हादसा टला
