फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मेजर डॉ0 रोहित तिवारी ने दुर्लभ ऑपरेशन कर नया इतिहास लिख दिया है। उन्होंने 17 साल की किशोरी की गर्दन से विशाल गांठ का सफल आपरेशन कर किया है। बताते चलें कि किशोरी को दिल्ली तक रेफर किया गया, लेकिन उसका आपरेशन नहीं हो सका।
जानकारी के अनुसार किशोरी के गर्दन के दाहिने पीछे हिस्से में विशाल गांठ थी। जो तेजी से बढ़ती जा रही थी। स्थानीय चिकित्सकों ने कई बार अल्ट्रासाउंड और सुई से तरल निकालने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई। इससे किशोरी की शारीरिक बनावट, मानसिक स्थिति और आत्मविश्वास पर गहरा असर पड़ा। जांच में पता चला कि यह सिस्टिक हाइग्रोमा (लिम्फैंगियोमा) है। लसीका तंत्र से जुड़ी एक दुर्लभ जन्मजात बीमारी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पहले कानपुर और सैफई मेडिकल कॉलेज से उसे सफदरजंग अस्पताल दिल्ली तक रेफर किया गया, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। पिता मनरेगा में मजदूरी करते हैं। जिससे बड़े निजी अस्पताल में इलाज संभव नहीं हो सका। परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए फर्रुखाबाद में ही ऑपरेशन कराने का निर्णय लिया गया। जनरल एनेस्थीसिया के तहत मेजर डॉ0 रोहित तिवारी ने सावधानीपूर्वक ऑपरेशन कर पूरी गांठ को निकाल दिया। खास बात यह रही कि इस दौरान किसी नस या महत्वपूर्ण अंग को क्षति नहीं हुई। सफल आपरेशन के बाद किशोरी अब स्वस्थ हो रही है। बड़ी गांठ हटने के बाद उसका आत्मविश्वास लौट आया है और परिवार ने राहत की सांस ली। मेजर डॉ0 रोहित तिवारी ने कहा यह केस इस बात का प्रमाण है कि यदि समय पर जांच और उचित इलाज मिले तो गंभीर और जटिल बीमारियों पर भी विजय पाई जा सकती है। फर्रुखाबाद में भी बड़े स्तर की सर्जरी संभव है।
मेजर डॉ0 रोहित तिवारी ने दुर्लभ ऑपरेशन कर लिखा नया इतिहास
