दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ समापन भव्य कार्यक्रम का साक्षी बना मेजर एसडी सिंह पीजी आयुर्वेद मेडिकल कालेज

भारतीय संस्कृति में रंगे विदेशी मेहमान, विदा होते समय दिखे भावुक
वह दिन दूर नहीं जब पुन: विश्व गुरु बनेगा भारत: डा0 जितेन्द्र सिंह यादव

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मेजर एसडी सिंह पीजी आयुर्वेद मेडिकल कालेज एण्ड हॉस्पिटल में अन्तर्राष्ट्रीय दो दिवसीय सेमिनार में देश विदेश से आये आयुर्वेद से जुड़े चिकित्सकों ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षु चिकित्सकों को जानकारी दी।
दो दिन से चल रहे अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार के समापन अवसर पर छात्रों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों का मन मोह लिया, तो वहीं उनके उत्साह में कार्यक्रमस्थल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। इस अवसर पर आये सभी अतिथियों का डा0 देवाशिश बिस्वाल ने भारतीय संस्कृति के तहत सभी का स्वागत किया। डॉ0 आर अचल पुलाओनी एक बहुमुखी व्यक्ति, एमडी आयुर्वेदिक चिकित्सक, शिक्षक, कवि, लेखक, विचारक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह ईस्टर्न साइंटिस्ट जर्नल के मुख्य संपादक और साइंस टूडिस मंथली के क्षेत्रीय संपादक के रूप में कार्य करते हैं। श्री धवन्तरि पुरस्कार सहित पुरस्कारों से सम्मानित वह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सेमिनारों का आयोजन और भाषण देते हैं। उनका साहित्यिक योगदान कविता, निबंध और लोकतंत्र, नदियों, रेलवे और सीओवीआईडी, 19-महामारी के प्रभाव जैसे विषयों पर शोध है। डॉ0 फिलिस्तीन के लेख प्रकाशनों में दिखाई देते हैं। उनकी बहुमुखी प्रतिभा पारंपरिक ज्ञान के प्रसार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। वक्ता डा0 जीन-पियरै कैटलानो ने भी आयुर्वेद पर विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी दी साथ ही औषधियों के बारे में बताया कि कौन सी बीमारी पर कौन सी औषधि देने से रोगी मनुष्य को रोग से मुक्ति मिल सकती है आदि जानकारी साझा की। वक्ता शिशिर ने पंचकर्मा आदि बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि आयुर्वेद को समझने की आवश्यकता है। वक्ता डा0 कैरिन गुंथोर ने कई गंभीर रोगों के बारे में जानकारी दी कि किस तरह रोगों की पहचान की जाती है और उन पर कौन सी औषधि कारगार साबित होगी आदि विषय पर चर्चा की। डा0 तन्मय गोस्वामी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। अध्यक्ष डा0 शिवओम दीक्षित, वक्ता डा0 निरंजन एस आदि ने भी आयुर्वेद क्या है इस पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर मेजर एसडी सिंह पीजी आयुर्वेद मेडिकल कालेज एण्ड हॉस्पिटल के चेयरमैन डा0 जितेन्द्र सिंह यादव को प्रो0 अमाडियो बियानची बियान्च राष्ट्रपति विश्व योग एवं आयुर्वेद आंदोलन इटली ने शाल व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। वहीं संस्था के चेयरमैन डा0 जितेन्द्र सिंह यादव ने भी देश विदेश से आये सभी अतिथियों को सम्मानित किया और सभी का इस सेमिनार में आने व उसे भव्य बनाने के लिए उनका धन्यवाद व्यक्त किया और कहा कि आप लोगों के सहयोग से आने वाले समय में इससे भी भव्य सेमिनार कराने का प्रयास करूंगा। डा0 जितेन्द्र सिंह की सेवा व चिकित्सीय कार्य के लिए देश-विदेश से आये सभी मेहमानों ने काफी सराहना की।
रोगों से संबंधित मामले का अध्ययन
दीपना, पचाना और रुखसाना, गुड़ची, दीपन और पित्तकफ शमन है।
दवा दी गई कैशोर गुग्गुलु, त्रिफला चूर्ण उत्सादन 3 दिनों के लिए किया गया परिषेका नीम पत्र काशा के साथ (घर पर) 1 दिन के लिए तक्र पना
स्वास्थ्य की परिभाषा
समदोष, स्मग्निश्च समाधातु, माला क्रियाहा, प्रसन्ना, आत्मा इन्द्रिया मनहा, स्वस्थ इति अभिधीयते|

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