फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। आर्य प्रतिनिधि सभा के तत्वावधान में मेला श्रीरामनगरिया में चल रहे वैदिक क्षेत्र में चरित्र निर्माण शिविर में प्रात:काल यज्ञ किया गया। आचार्य चन्द्रदेव शास्त्री ने बताया कि इस धरती पर सर्वश्रेष्ठ प्राणी मनुष्य है। सर्वश्रेष्ठ इसलिए है कि श्रेष्ठतम कर्म करने का सौभाग्य परमात्मा ने मनुष्य को दिया है। संध्या, सत्संग, सेवा, स्वाध्याय और समर्पण आदि के द्वारा मनुष्य इहलौकिक और पारलौकिक सुखों की प्राप्ति कर सकता है। जो व्यक्ति अपने मन को ईश्वर की भक्ति और तन को परोपकार में लगाते हैं वो ईश्वर की कृपा को प्राप्त करते हैं।

परमात्मा की कृपा को प्राप्त करने वाला मनुष्य सुख, शान्ति और आनन्द को प्राप्त करता है। पण्डित दलवीर शास्त्री ने भजन के माध्यम से बताया कि मुझे तूने दाता सब कुछ दिया है, तेरा शुक्रिया है तेरा शुक्रिया है। भगवान ने जल को बनाया है तब हम दूसरों को जल पिलाते हैं, भगवान ने अन्न को बनाया है। तब हम दूसरों को भोजन खिलाते हैं। इसलिए जहां भोजन खिलाने वालों का, जल पिलाने वालों का धन्यवाद करते हैं। वहीं उस भगवान का धन्यवाद करें जिस भगवान ने बनाया है। उदिता आर्या, सरोज शास्त्री, पण्डित रामवीर आर्य, हरिदेव आर्य ने प्रेरणादायक भजनों की अमृत वर्षा की। स्वामी महेन्द्रानंद ने मंच का संचालन किया। सभा में उत्सर्ष आर्य, उदयराज आर्य, हरिओम शास्त्री, सुरेश आर्य, शिशुपाल आर्य, संजीत आर्य आदि उपस्थित रहे।
