कोर्ट में मामला विचाराधीन होने का दिया गया हवाला
कायमगंज, समृद्धि न्यूज। मंडी समिति परिसर में मंगलवार को प्रस्तावित दुकानों की नीलामी प्रक्रिया व्यापारियों के भारी विरोध के कारण स्थगित कर दी गई। लखनऊ से आए मंडी परिषद के उप निदेशक और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष व्यापारियों ने अपनी समस्याएं रखीं और कोर्ट में विचाराधीन मामलों का हवाला देते हुए आवंटन प्रक्रिया रोकने की मांग की। अब दो सप्ताह बाद नीलामी की अगली तिथि निर्धारित की जाएगी।
मंगलवार को मंडी परिषद लखनऊ के उप निदेशक संजय सिंह, एडीएम न्यायिक दिनेश सिंह, आरओ साक्षी सिंह और तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर मंडी समिति कार्यालय पहुंचे। यहां सुपर मार्केट की 25, सब्जी खंड की 8 और गल्ला खंड की 8 दुकानों की नीलामी होनी थी। प्रक्रिया शुरू होते ही पूर्व विधायक अमर सिंह खटिक, पूर्व चेयरमैन सुनील चक और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। व्यापारी संजय गुप्ता ने बताया कि सुपर मार्केट की 25 दुकानें साल 2007 में किराए पर दी गई थीं। 2013 में अचानक खाली करने का नोटिस मिलने पर दुकानदार हाईकोर्ट चले गए थे। हाल ही में 17 दुकानदारों ने फिर से पुर्नयाचिका दायर की है। व्यापारियों ने मांग की कि जब तक कोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक आवंटन प्रक्रिया रोकी जाए। व्यापारी नेता उमेश गुप्ता ने मंडी की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 35 साल पुराने सी-क्लास दुकानों की टीनशेड टूट चुकी हैं और प्लेटफार्म जर्जर हैं। उन्होंने मांग की कि दुकानों की कीमत का निर्धारण ह्रास वैल्यू घटाकर किया जाए। साथ ही खराब सडक़ें, बंद पड़े वाटर कूलर और दीमक लगे पेड़ों को हटाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। मंडी परिषद लखनऊ उप निदेशक संजय सिंह का कहना है सुपर मार्केट और गल्ला मंडी की दुकानों के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ, जबकि सब्जी मंडी की 8 दुकानों के लिए 12 आवेदन सही पाए गए। फिलहाल नीलामी स्थगित कर दी गई है। व्यापारियों की मांग पर पेयजल और अलाव की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण विभाग के जरिए जर्जर सडक़ों व टीनशेड का सर्वे कराकर मरम्मत कराई जाएगी।
व्यापारियों के विरोध के चलते नहीं नीलाम हो सकीं मंडी समिति की दुकानें
