
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ओमनिवास जटवारा जदीद सेवा केंद्र पर गुरुवार को शहीद दिवस मनाया गया। जिसमें राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शोभा दीदी ने कहा कि कारगिल युद्ध में 527 बहादुर जवानों ने अपनी कुर्बानी दी। कारगिल युद्ध में लड़ते हुए कैप्टन विक्रम बत्रा ने अपने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया और खुद को अमर बना लिया। कारगिल के शहीद दिवस को विजय दिवस के रूप में शहीद हुए नायकों के सम्मान में मनाया जाता है। शोभा दीदी ने यह भी कहा कि कारगिल की शहादत से सैकड़ों युवाओं को एक नई प्रेरणा मिली और वह भी सेना में शामिल हुए। आज परिजनों को नाज है। माता-पिता, भाई, बहन, पत्नी सभी को ऐसे शहीद वीर कहकर सैनिक बनने का नाज है।
सिविलियन नौकरी से बढक़र सैनिक बनकर पूरे हिंदुस्तान के माता-पिता, भाई-बहन, बेटी सेवा करो, इससे बड़ी सेवा और क्या होगी। बीके शोभा ने कहा कि मुझे भी नाज है कि मेरे पिता भी फौज में थे। उन्होंने भी एक लड़ाई में जीत हासिल की थी और उनकी बेटी शोभा मैंने भी समाज सेवा में अपना पूरा जीवन बलिदान करने का संकल्प उठाया है। आखिर एक फौजी की बेटी हूं। उन्होंने कहा कि आज शहीदों के परिजनों को दर्द के साथ-साथ बहादुरी और शहादत पर गर्व भी है और देश प्रेम भी, इसके पश्चात बीके शोभा बहन ने कैंडिल जलाकर शहीदों को याद किया। इस मौके पर ब्रह्माकुमारी पूनम बहन ने देश भक्ति का गीत प्रस्तुत किया। डॉ0 गंगा सिंह भाई ने अपने विचार में कहा कि हमने भी परमात्मा को जीवन दिया है, तो हिम्मत वान बनना है। किसी भी परिस्थिति में समस्याओं का जमकर सामना करना है। हमें पीछे नहीं हटना है। हमें भारत को स्वर्ग बनाने में तन, मन, धन की कुर्बानी देकर हार नहीं जीत का सामना करना है, तभी सुख में संसार बनाने में मददगार बन सकेंगे। इस मौके पर अनेक भाई बहनों ने कैंडिल जलाकर शहीदों को आत्म सम्मान दिया। इस मौके पर सभी ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।
