भगवत शब्द का अर्थ ईश्वर का अंश: डॉ0 मनमोहन गोस्वामी

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। श्री राधा श्याम शक्ति मंदिर लोहाई रोड पर भल कल्पतरु व्याख्यान माला के अंतर्गत संत प्रवर डॉ0 मनमोहन गोस्वामी ने ईश्वरी भक्ति में भक्तों की भावभूमि को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सनातन गोस्वामी तुलसीदास, रविदास, रैदास, अंबरीश ने भले के जीवन के संदर्भ में मानव जीव कल्याण का विवेचन किया। डॉ0 मनमोहन स्वामी ने कहा भक्त या संत ईश्वर का अंश होता है। वह सदैव मानव कल्याण की भावना के साथ लोक मंगल की कामना करता है। आध्यात्मिक मनोवैज्ञानिक विवेचना करते हुए भगवत शब्द का अर्थ ईश्वर का अंश है। जो कथाओं के माध्यम से ईश्वर तक परोक्ष दर्शन कराते हुए मोक्ष तक पहुंचता है। भक्त अपनी साधना से ईश्वर से जुड़ जाता और अंश बनकर जीव एवं समाज का कल्याण करते हुए मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। अर्थात लोक कल्याण की भावना भक्तों में होती है। कलियुग में व्यक्ति चमत्कार को नमस्कार करता है। जो भौतिक दृष्टि से दिखायी देता है, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से अंर्तमुखी होता है और संत भक्त चमत्कार नहीं कल्याण या लोक मंगल की कामना करता है। उन्होंने भक्त मालग्रन्थ से भक्तों की गाधा संत रैदास द्वारा मन चंगा कठौती में गंगा, निर्गुण भक्ति के द्वारा कथाओं के माध्यम से उनके प्रसंगों से जीव कल्याण के भावों को प्रकट किया। व्यवहारिक जीवन में व्यक्तियों से संस्कार देने की विधि प्रणाम के शास्त्रीय ढंग जैसे नमन नमस्कार, दण्डवत प्रणाण, करबद्ध, अनुबद्ध, वाह्य एवं आंतरिक प्रणाम के ढंग की व्याख्या की। भक्तों में प्रसाद की परम्परागत तरीके से उसके ढंग की आध्यात्मिक एवं भौतिक ढंग से विवेचना की। भक्तों की श्रंखला में भक्त कृष्णदास बाबा बड़े उच्चकोटि के आध्यात्मिक भक्त थे। उन्होंने समाज एवं लोक कल्याण, लोक मंगल की कामना से ईश्वर की साधना, उपासना की। व्याख्यान माला का विराम आरती व प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस मौके पर सुरेंद्र सफ्फड़, बृजेंद्र श्रीमाली, जितेंद्र अग्रवाल, हर्षित आदि मौजूद रहे।

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