
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु के आह्वान पर पुरानी पेंशन बहाली एवं निजीकरण की समाप्ति के संबंध में सांसद मुकेश राजपूत के निवास का घेराव कर घंटी बजाकर ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गयी कि प्रदेश के १५ लाख सहित लगभग देश में एक करोड़ शिक्षक, कर्मचारियों व अधिकारियों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पुरानी पेंशन व्यवस्था ओपीएस को समाप्त कर शोषणकारी व भेदकारी नई पेंशन व्यवस्था एनपीएस लागू कर दी गयी है। जो न शिक्षकों व कर्मचारियों के हित में है। अब तो एनपीएस के दुष्परिणाम भी सामने आने लगे हैं। एपीएस के तहत सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों, अधिकारियों का रुपया १२०० व १८०० एवं ३५०० और ४००० तक का पेंशन के रुप में प्राप्त हो रहा है। इससे सेवानिवृत्त होने के बाद जीवनयापन करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे वह अपने जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे हैं। सरकार उनकी ओर देखते हुए ओपीएस पुरानी पेंशन बहाल करे। जबकि देश की रक्षा करने वाले, सर्वोत्तम बलिदान देने वाले सैनिकों को भी पुरानी पेंशन से वंचित कर दिया गया है। यह दुर्भाग्य है कि जो देश की खातिर बलिदान हो रहे हैं और निजी सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। इस दृष्टि से निजीकरण समाप्त हो और ओपीएस बहाल की जाये। सभी शिक्षकों, कर्मचारियों ने सांसद का घेराव कर नारे लगाये और ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर प्रदेश संयुक्त मंत्री ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह जाटव, विमलेश कुमार, पूल सिंह शाक्य, सुधीर पाल, सुशील, संतोषी ऐस्तर रोज दयाल, पूनम शुक्ला, हिमांशु शुक्ला, विजेंद्र मथुरिया, अनुज, मुकेश कुमार, सुनील कुमार, शैलेंद्र राजपूत, किरन वर्मा, सुधीर शाक्य, विवेक यादव, जितेंद्र सिंह, पंकज औदिच्य कुलदीप यादव, गौरव शाक्य, मारुत सिंह, नम्रता सिंह, गायत्री, वीना, अमृता, अमन मनीला, किरन, सुधा, पारुल स्वर्णकार, देवेंद्र सिंह, प्रमोद दीक्षित आदि मौजूद रहे।
