बाराबंकी: समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बाराबंकी के रामनगर पीजी कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर में स्थित समाज कल्याण विभाग के छात्रावास का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 5 लाख की सरकारी धनराशि से किए गए रंग-रोगन और रखरखाव कार्य में घोटाला सामने आया। अनियमितता पाते ही मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए समाज कल्याण अधिकारी और छात्रावास अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही मामले की जांच डिप्टी डायरेक्टर, समाज कल्याण विभाग अयोध्या को सौंपी गई है।
जिले में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए संचालित छात्रावास को अपग्रेड करने के लिए मिले 5 लाख रुपये डकार लिए गए। छात्रावास की देखरेख की जिम्मेदारी उठाने वाले समाज कल्याण विभाग की ओर से यह रकम हॉस्टल में बिना कोई काम कराए ही निकाल ली गई। सोमवार को समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण के निरीक्षण में इस घोटाले की पोल खुल गई।
अयोध्या मंडल के डिप्टी डायरेक्टर करेंगे जांच
मंत्री असीम अरुण ने जिला समाज कल्याण अधिकारी सुषमा वर्मा और हॉस्टल अधीक्षक संतोष कनौजिया को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दोनों को लखनऊ से अटैच कर दिया गया है। अयोध्या मंडल के डिप्टी डायरेक्टर और अभियंता को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। मंत्री ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसके अलावा रकम की रिकवरी भी कराई जाएगी।
छात्रावासों को दिए गये थे 5-5 लाख रुपये
रामनगर में समाज कल्याण विभाग की ओर से स्नाकोत्तर महाविद्यालय में दलित छात्रों के लिए 48 सीटर हॉस्टल संचालित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में संचालित ऐसे छात्रावासों के कायाकल्प के लिए 5-5 लाख रुपये दिए थे। सोमवार को समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण इस कालेज में नवनिर्मित शोध कक्ष के उद्घाटन के मौके पर पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने यहां बने छात्रावास का निरीक्षण किया।् वे यहां की बदहाली देखकर दंग रह गए।
सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले पर होगी कार्यवाही: मंत्री
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार छात्रावासों के कायाकल्प के लिए भरपूर धनराशि दे रही है ताकि छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें, लेकिन यदि कोई अधिकारी इस सरकारी धन का दुरुपयोग करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी बताया कि छात्रावासों के लिए आगामी दिनों में 10 लाख की अतिरिक्त राशि दी जाएगी, लेकिन पूर्व में दी गई राशि की रिकवरी भी सुनिश्चित की जाए।
