तानाशाह सीएमएस के आगे मंत्री, डीएम, सीएमओ हुए नतमस्तक

लोहिया अस्पताल में नहीं हो रहा मरीजों को इलाज, लौट रहे बैरंग
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। तमाम प्रयासों के बाद भी आखिर लोहिया अस्पताल की व्यवस्थायें क्यों नहीं सुधर रही हैं, इस सवाल का जवाब शायद ही किसी के पास हो। यहां आने वाले मरीजों को जब उपचार नहीं मिलता है, तो उनके तीमारदार छुट्टी कराकर बाहर ले जाते हैं। इसके अलावा स्ट्रेचर आदि भी नहीं दिया जाता है। जिससे मरीज को बाहर तक छोड़ा जा सके। तीमारदार कंधे में उठाकर मरीज को लेकर जाते हैं।
जानकारी के अनुसार लोहिया अस्पताल में वह सभी साजो सामान व चिकित्सक मौजूद हैं, जो मरीजों का इलाज आसानी से कर सकते हैं। हॉ इसमें गंभीर मरीजों को बाहर रेफर करने की आवश्यकता हो सकती है, लेकिन यहां तो गंभीर बीमारियों की बात तो छोड़ ही दीजिए, आम बीमारियों का भी इलाज नहीं किया जाता है। जिससे फर्श पर मरीज कई-कई दिनों तक पड़े-पड़े कराहते रहते हैं। आखिर में जब उनकी जान पर बन आती है, तो वह निजी चिकित्सक को दिखाने के लिए चले जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सोमवार को देेेेेखने मिला। जब विनोद कुमार पुत्र मोहन सिंह निवासी कुतलूपुर थाना राजेपुर के परिजनों ने बीती रात भर्ती कराया था। सोमवार को अपराह्न उन्हें रेफर कर दिया गया। जिस पर मरीज उनको गोद में उठाकर बाहर लेकर आये। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अस्पताल में स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हैं अथवा ब्यार्डव्याय या फिर इसे सीएमएस की तानाशाही कहें। विनोद की पत्नी धन देवी ने बताया कि लोहिया अस्पताल में इलाज नहीं मिला। इसलिए वह दिखाने जा रही हैं। इस दौरान मरीज को बेटा आशीष, बेटी प्रियांशी पिता को गोद में उठाकर बाहर लेकर आयी। मरीजों का कहना है कि जब सरकारी अस्पताल मरीजों का इलाज करने में सक्षम नहीं हैं, तो फिर ऐसे अस्पतालों को सरकार को बंद कर देना चाहिए।

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