
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। बीते दिन विधायक सुशील शाक्य का ब्यान विवादों में आया। जिसको लेकर उन्होंने अपने निवास पर पत्रकार वार्ता में कहा कि ज्योतिबा वाई फुले जयंती कार्यक्रम पार्टी कार्यालय संबोधन के दौरान उन्होंने सिंह और ठाकुर शब्द का इस्तेमाल किया कि यह किसी की बपौती नहीं है। सिंह कोई भी लिख सकता है। वीडियो वायरल होने पर चौतरफा क्षत्रिय समाज की ओर से विरोध शुरु हो गया। गुरुवार को उन्होंने अपने आवास पर वार्ता के दौरान कहा कि मैंने कार्यक्रम के दौरान अपने सम्बोधन में कुछ भी नहीं कहा जो किसी जाति विशेष को ठेस पहुंचाये। यदि फिर भी किसी को ेऐसा लगता है कि मेरे द्वारा कही गयी बात से ठेसे पहुंची है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूॅ। उन्होंने कहा कि 1931 में अंग्रेजो द्वारा सर्वेक्षण कराया गया था, तभी पिछड़ों व अति कमजोर वर्ग के लोगों को बांटने का काम किया गया था। मैंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा जिससे किसी को ठेस पहुंचे और जो लोग विरोध जता रहे हैं वह बात को तोड़ मरोड़कर लोगों को बता रहे हैं। वार्ता के दौरान शिवांग रस्तोगी मौजूद रहे।
