समृद्धि न्यूज। मुंबई में फंसी दो मोनोरेल ट्रेन से 700 से अधिक यात्रियों को निकाला गया। मैसूर कॉलोनी और भक्ति पार्क के बीच एक मोनोरेल ट्रेन में फंसे 582 यात्रियों को बचाया गया। वहीं एक अन्य मोनोरेल ट्रेन से 200 से यात्रियों को निकाला गया।
मुंबई में भारी बारिश के चलते एक मोनोरेल ट्रेन मायसूर कॉलोनी और भक्ति पार्क के बीच फंस गई। कारण है कि भीड़ के कारण ट्रेन पर क्षमता से अधिक भार पडऩे से बिजली सप्लाई ठप हो गई थी। 500 से अधिक यात्री घंटों तक ट्रेन में फंसे रहे। लोगों में घबराहट और डर इतना बढ़ गया कि कुछ यात्री कूदने को भी तैयार थे, लेकिन फायर ब्रिगेड ने बहादुरी से रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित निकाला।
एसी और लाइट बंद होने की वजह से लोगों को घुटन होने लगी। इसके बाद उसके अंदर चीख पुकार मच गई। कुछ लोग बेहोश भी हो गए। कड़ी मशक्कत के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 3000 करोड़ की लागत से बनी यह मोनोरेल अचानक से फेल क्यों हो गई।
एमएमआरडीए ने कहा कि भारी बारिश के कारण उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित होने की वजह से यात्रियों के पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था और वह मोनोरेल में सवार हो गए। अधिक भीड़ के कारण ट्रेन में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ट्रेन की क्षमता से अधिक लोग मोनोरेल ट्रेन में चढ़ गए। इस कारण मोनोरेल फंस गई। मुंबई में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है, सडक़ें, रेलवे ट्रैक सब जलमग्न हैं। शाम करीब सवा छह बजे मैसूर कॉलोनी और भक्ति पार्क स्टेशन के बीच फंसी मोनोरेल ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई।
बिजली और एसी सिस्टम बंद होने से 15 यात्रियों ने दम घुटने की शिकायत की। अधिकारियों ने बताया कि 14 लोगों का मौके पर ही उपचार किया गया, जबकि एक लडक़ी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत स्थिर है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सभी को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जाएगी। एमएमआरडीए के संयुक्त आयुक्त आस्तिक कुमार पांडे ने कहा, बारिश के कारण लोग विभिन्न स्टेशन पर फंस गए, ट्रेन की क्षमता से अधिक लोग मोनोरेल ट्रेन में चढ़ गए। फायर ब्रिगेड प्रमुख रवींद्र अंबुलगेकर ने बताया कि यात्रियों में घबराहट इतनी थी कि कुछ लोग नीचे कूदने को तैयार थे। फायर ब्रिगेड ने नीचे सेफ्टी शीट्स (जंपिंग शीट्स) बिछा दीं ताकि अगर कोई कूदे तो उसे चोट न लगे। ऑफिसर्स को कोच में भेजकर यात्रियों को शांत किया गया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने खिड़कियां और दरवाजे तोडक़र यात्रियों को निकाला। महिलाओं और बुजुर्गों को पहले निकाला गया, उसके बाद पुरुषों को। 108 एम्बुलेंस और मेडिकल टीमें भी मौके पर तैनात की गई थीं।
कहां से कहां तक चलती है
मुंबई मोनोरेल चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक (महालक्ष्मी) तक चलती है। इस रूट करीब 19.54 किलोमीटर लंबा है। यह 17 स्टेशनों को जोड़ती है। इनमें मुख्य स्टेशन चेंबूर, वडाला और संत गाडगे महाराज चौक हैं। पहले चरण में वडाला से चेंबूर 8.8 किमी और दूसरे चरण में वडाला से संत गाडगे महाराज चौक 11.2 किमी शामिल है।
