परिजनों ने चिकित्सक पर लगाया गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप, किया हंगामा
सीएमओ बोले जांच के लिए गठित की गयी तीन सदस्यीय टीम
अस्पताल सील करने की कार्यवाही शुरु, मरीज लोहिया में किये गये शिफ्ट
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। शहर के थाना कादरीगेट क्षेत्र स्थित एक नर्सिंग होम में 28 वर्षीय महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मृतका ने आठ दिन पहले ही एक बेटे को जन्म दिया था।
शहर के डिग्गीताल निवासी राखी 28 पत्नी शिवकांत कश्यप की शादी चार वर्ष पूर्व इटावा में हुई थी। प्रसव के लिए वह अपने मायके आई हुई थीं। एक सप्ताह पहलेए 20 फरवरी को इसी अस्पताल में उनकी सामान्य डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी और वह पूरी तरह स्वस्थ थीं। बीती रात लगभग तीन बजे राखी की तबीयत अचानक बिगड़ गईए जिसके बाद परिजन उन्हें दोबारा उसी अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने बिना समुचित जांच किए उन्हें दवा और इंजेक्शन दे दिया। इसके बाद उनकी हालत और बिगड़ गई और उनका पेट फूल गया। पति शिवकांत कश्यप ने बताया कि उनकी पत्नी को दिखाने के लिए लाया गया था, लेकिन अस्पताल में क्या उपचार दिया गया, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपचार के बाद राखी की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंतत: उनकी मौत हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हालत बिगडऩे पर किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की व्यवस्था नहीं की गई। महिला की छोटी बहन श्वेता ने कादरीगेट थाने में तहरीर देकर अस्पताल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में स्पष्ट रूप से अस्पताल स्टाफ की लापरवाही को राखी की मृत्यु का कारण बताया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय और सीएमओ अवनींद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर विस्तृत जानकारी ली। सीएमओ डॉक्टर अवनींद्र कुमार ने बताया कि महिला की मौत के मामले में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी गई है। पोस्टमार्टम पैनल से कराया जाएगा। साथ ही अस्पताल को खाली करवाकर सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यहां जो मरीज भर्ती थे। उनको एम्बुलेस से लोहिया अस्पताल भेजा गया।
बेटे को जन्म देने के आठ दिन बाद बिगड़ी प्रसूता की हालत, मौत
