उन्नाव, समृद्धि न्यूज। नगर पालिका उन्नाव में कार्यरत कनिष्ठ सहायक सतीश प्रजापति 32 वर्ष की आत्महत्या के बाद परिजनों ने मंगलवार को सुसाइड नोट में जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं के नाम उजागर होने के बावजूद अंत्येष्टि करने से इंकार कर दिया था।
मंगलवार रात से लेकर बुधवार तक, घर पर सपा और कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी बनी रही।
मृतक सतीश ने सुसाइड नोट से स्पष्ट किया था कि नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी संजय गौतम, अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण उर्फ भानू मिश्रा, जलकल अभियंता विवेक वर्मा, सेवानिवृत्त कर्मचारी राम समुझ प्रसाद और सुरेंद्र विश्वकर्मा उसकी आत्महत्या के जिम्मेदार हैं।
आरोपियों पर लगातार उत्पीड़न और 23 माह का रुका हुआ वेतन न मिलने से सतीश ने एक सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली थी।
आक्रोशित परिजनों ने साफ कहा था कि “जब तक दोषियों पर कार्रवाई और न्याय की गारंटी नहीं होगी, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।” लेकिन लंबी जद्दोजहद और बातचीत के बाद प्रशासन और सत्ता पक्ष के नेताओं ने मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया। जिसके बाद परिजन अंत्येष्टि के लिए तैयार हो गए।
