राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने मांगों को लेकर पीएम, सीएम को भेजा ज्ञापन

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी सम्बोधित मांग पत्र कलेक्टे्रट पहुंचकर संबंधित अधिकारी को सौंपा। स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से संबंधित से संबंधित कर्मचारियों का निरंतर शोषण किया जा रहा है। जिनकी संख्या 4.5 से 5 लाख के लगभग है। किन्तु वर्तमान में भी इनसे अत्यन्त अल्प वेतन पर कार्य करवाया जा रहा है जो दूर्भाग्यपूर्ण है। कोरोना काल में इनका योगदान सराहनीय रहा है, लेकिन अधिकांश कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा नहीं दी जा रही है। लेकिन इनके समरूप कार्य करते स्थाई वर्ग कर्मचारी अच्छा वेतन पा रहा है और अन्य तमाम सामाजिक सुरक्षा का पात्र है। दिये गये मांग पत्र में दर्शाया कि स्वास्थ्य एवं एनएचएम कर्मियों को नीतिगत तौर पर सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाये। स्वास्थ्य एवं एनएचएम कर्मियों के लिए कर्मचारी कल्याण बोर्ड या आयोग की स्थापना किया जाये। एक राष्ट्र, एक स्वास्थ्य और एक मानव संसाधन नीति का राष्ट्रव्यापी क्रियान्यवयन किया जाये। स्वास्थ्य एवं एनएचएम के समस्त कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा के तहत पी0एफ, पेंशन, ग्रेच्यूटी का भुगतान तथा ईएसआई और जीवन स्वास्थ्य बीमा एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा प्रदान किया जाये। स्वास्थ्य और एनएचएम कर्मियों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार समान काम के लिए समान वेतन का लाभ दिया जाए। सेवानिवृत्ति के बाद, उन्हें 10 लाख रुपये की एकमुश्त ग्रेच्युटी दी जानी चाहिए तथा सेवानिवृति की आयु 65 वर्ष निर्धारित की जाए, ताकि उनके पूरे कार्यकाल के दौरान नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। केंद्र और राज्य सरकार की आगामी भर्तियों में स्वास्थ्य और एनएचएम कर्मचारियों को आयु में छूट, वरीयता और महत्व, निशर्त दिया जाए, अवैध रूप से अधिकारी वर्ग द्वारा कार्य से मुक्त किए ऐसे तमाम कर्मचारियों को सभी राज्य में संघ, महासंध को विभागीय जांच कमेटी में रखते हुए जांच उपरांत निर्दोष साबित होने पर पुन: बहाल किया जाएं। आदि मांगें शामिल है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गौरव कुमार, महामंत्री नरेन्द्र मिश्रा व कर्मचारी संघ के नेता प्रमोद दीक्षित आदि मौजूद रहे।

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