उत्तराखंड के कई गांव में नए नियम, शादियों में फिजूलखर्ची पर रोक, नियम तोड़ा तो लगेगा 1 लाख जुर्माना

फास्ट फूड व डीजे तथा शराब पर भी प्रतिबंध
समृद्धि न्यूज। उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र के कई गांवों ने शादी-विवाह में फिजूलखर्ची, दिखावे, फास्ट फूड और महंगे तोहफों पर सख्त रोक लगा दी है, इसक साथ ही पंचायत ने नियम तोडऩे पर 1 लाख रुपये जुर्माना तय किया है। उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र में सामाजिक समानता और परंपराओं को मजबूत करने के लिए बड़ा सामूहिक फैसला लिया गया है। कई गांवों ने तय किया है कि अब शादी और शुभ आयोजनों को पूरी सादगी से मनाया जाएगा। इन गांवों में शराब, फास्ट फूड और महंगे तोहफे पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। नियम का उल्लंघन करने वालों से एक लाख रुपए का जुर्माना वसूलने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला दोहा गांव में खत के सदर स्याणा राजेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। इन नए नियमों के तहत शादी के भोज (प्रीतिभोज) में चाउमीन, मोमोज जैसे सभी फास्ट फूड स्नैक्स को पूरी तरह से रोक लगा दिया गया है, अब इन भोजों मे पारंपरिक गढ़वाली थाली परोसना अनिवार्य होगा, जिसमें मंडुआ और झंगोरा जैसे स्थानीय अनाजों से बने व्यंजन शामिल होंगे। इसके साथ ही, शादियों में महंगे तोहफों और लग्जरी सामानों के लेन देन पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, मामले जौनसार बावर क्षेत्र के दाऊ, दोहा, छुटौ, बजौ, घिंगो और कैटरी जैसे गांवों के इस सामूहिक फैसले का लोगों ने स्वागत किया है, उनका मानना है कि यह कदम नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक से जोड़े रखने में मदद करेगा। वहीं नौगांव क्षेत्र में भी कोटी थाकराल और कोटी बनाल गांवों ने शादियों में डीजे म्यूजिक और शराब के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों पर कर्ज लेकर सोने के गहने बनवाने का दबाव न पड़े। सोने के बढ़ते दामों के बीच यह कदम सामाजिक समानता की दिशा में बड़ा प्रयास माना गया।

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