बाबा वीरेन्द्र के 14 अनुयायियों पर भांजे ने दर्ज कराया हत्या का मुकदमा

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। कंपिल के आध्यात्मिक केंद्र के संस्थापक व चर्चित बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित दुष्कर्म व अपहरण के मामले में कई वर्षों से फरार हैं। सीबीआई भी बाबा को कई वर्षों से तलाश कर रही है। बाबा वीरेन्द्र देव के भांजे ने पुलिस अधीक्षक को दिये प्रार्थन पत्र में आश्रम के 14 लोगों पर अपहरण हत्या और शव गायब करने का आरोप लगाया है। एसपी के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, बाबा के भांजे शमसाबाद थाना क्षेत्र के मुहल्ला दुबे निवासी हृदेश पांडेय ने आश्रम में रहने वाले 14 अनुयायियों के खिलाफ अपहरण कर हत्या व शव गायब करने का मुकदमा कंपिल थाने में दर्ज कराया है। दर्ज कराये गये मुकदमे में दर्शाया कि उसके मामा वीरेंद्र देव दीक्षित मोहल्ला नेहरू नगर कंपिल के मूल निवासी हैं जो आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय संस्था के संस्थापक हैं। यह संस्था वीरेंद्र देव ने अपने निवास स्थान पर वर्ष 1983-84 में स्थापित की थी। देश-विदेश के लोग जुड़े हैं। जिसके चलते काफी चल-अचल संपत्ति संस्था से संबद्ध है। इसकी देखरेख बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आधीन होती है। मामा वीरेंद्र देव दीक्षित वर्ष 2016 में कंपिल आश्रम के अपने विश्वास पात्र विदया, काकुली, पुष्पा, मंजरी, नीलम डिसिल्वा, दीपक डिसिल्वा व 15-20 अज्ञात लोगों से अंतिम बार मिले थे। इसी दौरान वर्ष 2016-17 मामा के विरुद्ध दिल्ली में मुकदमे दर्ज हो गए। जिसकी विवेचना सीबीआई कर रही है। पीडि़त ने कहा कि मामा ने कई बार सरेंडर के लिए उक्त लोगों से सम्पर्क किया, लेकिन आरोपियों ने नहीं सुना। उन्होंंने जनवरी 2023 व मई 2023 में कंपिल, दिल्ली, फर्रुखाबाद आदि आश्रमों में व्यक्तिगत रूप से जाकर अनुयायियों से बाबा वीरेंद्र देव से बात कराने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने नहीं मिलवाया। आशंका है कि आरोपियों ने मामा का अपहरण कर हत्या दी और शव गायब कर दिया है। एसपी को बताया कि इस मामले में तत्कालीन क्षेत्राधिकारी कायमगंज द्वारा जांच की गई थी तो हैदराबाद निवासी चंद्रलेखा ने बताया था कि वीरेेंद्र देव उनके घर पर थे। बीमारी से उनकी मौत हो गई। मुकदमे की विवेचना तेलंगाना राज्य के जनपद हैदराबाद थाना बोबनपल्ली की पुलिस करेगी। पुलिस ने बताया कि एसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, लेकिन विवेचना तेलंगाना पुलिस करेगी।
बताते चले कि बाबा के खिलाफ दिल्ली के रोहिणी स्थित आश्रम में कथित तौर पर नाबालिग लड़कियों को बंधक बनाकर यौन शोषण के आरोप के बाद थाना विजय विहार में एक-एक कर तीन मामले दर्ज हुए थे। मामले की जांच सीबीआई कर रही है। बाबा की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई ने देश भर के 100 से अधिक उसके आश्रमों में छापे मारे गये थे। बावजूद इसके बाबा वीरेंद्र देव सीबीआई के हाथ नहीं लगा था। इसके बाद सीबीआई ने कंपिल व फर्रुखाबाद के सिकत्तरबाग स्थित आश्रमों पर ब्लू कार्नर नोटिस चस्पा कर पांच लाख का इनाम घोषित किया था।

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