फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। वीरांगना फूलन देवी की 24वीं पुण्य तिथि पर निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष अनिल कश्यप के नेतृत्व में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। बढ़पुर स्थित कार्यालय पर कश्यप समाज के लोगों ने वीरांगना फूलन देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नम आंखों से याद किया। मूलचंद्र बाथम ने कहा कि फूलन देवी का संघर्षपूर्ण जीवन रहा। उनका जन्म 10 अगस्त 1963 को जालौन जिले के एक छोटे से गांव पूर्व में मल्लाह जाति में गरीब परिवार में हुआ था। बचपन में ही फूलन देवी का विवाह पुत्तीलाल मल्लाह से हो गया था, उनके पति ने उन पर शुरू से ही अत्याचार करना प्रारंभ कर दिया था। जिससे परेशान होकर उन्होंने ससुराल में ना रहने का संकल्प कर लिया था। सुरेंद्र कश्यप ने बताया कि फूलन देवी ने अपने ऊपर हुए पुलिस एवं समाज की अत्याचारों का बदला लेने के लिए चंबल का रास्ता चुन लिया था। जिलाध्यक्ष अनिल कश्यप ने कहा कि फूलन देवी ने अपने साथ हुए गलत कार्यों का बदला 7 माह में ही ले लिया था और उन्होंने जेल से रिहा होने के बाद गरीब तपके के लोगों की मदद की और गरीब कन्याओं की शादी करायी। 13 फरवरी 1983 को फूलन देवी ने मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के सामने भिंड़ में एक समारोह में आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बाद 11 वर्ष उन्होंने जेल में बिताएं। 1996 में हुए 11वीं लोकसभा के लिए मिर्जापुर से सांसद चुनी गई और उनके जीवन के ऊपर शेखर कपूर ने बैंडिट क्वीन फिल्म भी बनायी। ३८ साल की उम्र में फूलन देवी की सरकारी आवास के बाहर दिल्ली में हत्या कर दी गई। इस मौके पर अरविन्द बाथम, विमल बाथम, अमरनाथ कश्यप, बाबूराम कश्यप, अरविन्द बाथम, ज्ञानेंद्र कश्यप, सचेंद्र कश्यप, सुरेंद्र पुजारी, मुकेश चंद्र बाथम, अजीत बाथम, मुनेश बाथम, इंद्र कश्यप, मौजी राम बाबा, जितेंद्र कनौजिया, कैलाश शंकर, सुरेश कश्यप, राकेश कश्यप, नीरज कश्यप, संदीप बाथम आदि लोग उपस्थित रहे।
निषाद पार्टी ने मनायी फूलन देवी की 24वीं पुण्यतिथि
