एमडीएम में लाभार्थी छात्रों की अधिक संख्या दिखाने का खेल भी हो जायेगा बंद
निशीत सक्सेना
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं की ऑनलाइन उपस्थिति लेने की कवायद में सरकार लगी है। कुछ जिलों में इसकी प्रक्रिया शुरु भी हो गई है। भविष्य में सरकार सभी जिलों में यह व्यवस्था लागू करेगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने से शिक्षक व कर्मचारियों के संबद्धीकरण व स्कूल न जाने वाले शिक्षकों के दांव-पेच पर अंकुश लग जायेगा।
जानकारी के मुताबिक स्कूल से ही शिक्षकों की जियो फेसिंग कराई जायेगी, ताकि स्कूल परिसर से ही शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो सके। इस हेतु सरकार शिक्षकों को टेबलेट देकर उनकी स्कूल की वाउन्ड्री में ही नाकेबंदी करेगी। परिषदीय स्कूलों में अभी मैनुअल रजिस्टर पर ही छात्रों-शिक्षकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति ली जाती है ऐसे में असरदार शिक्षक रोजाना स्कूल आने से बच जाते है, अधिकारी भी उन पर कार्यवाही करने से कतराते है। शासन से रोक के बावजूद दूर-दराज स्कूलों में तैनात शिक्षक अधिकारियों को सुविधा शुल्क देकर पास के विद्यालयों में संबद्धीकरण करा लेते है। बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालयों में भी पहुंचकर शिक्षक अपनी तैनाती करा लेते है। इस प्रकार के खेल पर अंकुश लगाने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ छात्रों की आनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की सरकार ने कवायत शुरु कर दी है। इस हेतु अब स्कूल से जियो फेसिंग कराकर सरकार शिक्षकों की विद्यालय से बाहर जाने पर नाकेबंदी करेगी। इस व्यवस्था से तैनाती के स्थान पर दूसरे स्कूलों में संबद्ध शिक्षकों को अब अपने मूल विद्यालय में लौटना पड़ेगा। ऑन लाइन उपस्थिति से एमडीएम योजना के तहत बच्चों की अब फर्जी संख्या दिखाने का खेल भी बंद हो जायेगा।
