बड़ी संख्या में हिन्दू समुदाय के लोगों ने की शिरकत गंगा जमुनी तहजीव के लिए मशहूर है पांचाल नगरी

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। पांचवीं मुहर्रम का ताजिया आज रामलीला परिषद फतेहगढ़ में निकालकर गंगा-जमुनी तहजीब की नजीर पेश की। फतेहगढ़ में दरगाह सत्तार शाह की मजार से शुरु हुआ। पांचवीं मुहर्रम को ताजिया जुलूस में मुस्लिम समुदाय के अलावा बड़ी संख्या में रामलीला परिषद में हिन्दू पदाधिकारी शामिल हुए। शहर के विभिन्न मार्गों से रवायती अंदाज में बैंड बाजों की मातमी धुनों के बीच निकले ताजिये के जुलूस का दरगाह सत्तार शाह की मजार पर समापन हुआ। अब तो कोई मजहब भी एैसा ही चलाया जाये, जिसमें इंसान बनाया जाये। मेरी आहो का असर तुझ पे पड़े कुछ एैसा, मैं जो भूखा रहूं तुझसे भी न खाया जाये। गोपालदास नीरज की यह पंक्तियां इस पांचाल नगरी में सोमवार को हिन्दू समुदाय ने मोहर्रम की पांचवी का ताजिया उठाकर सार्थक की। यहां की गंगा जमुना तहजीव पूरे मुल्क के लिए मिसाल है। एक-दूसरे के धर्मों का सम्मान यहां की परम्परा बन गयी है। फतेहगढ़ रामलीला परिषद जहां पांचवी का ताजिया उठाती है, वहीं मोहर्रम कमेटी श्रीराम बारात में झांकी निकालकर भगवान श्रीराम की आरती उतारती है। आपसी सौहार्द और कौमी एकता की यह एक बेहतरीन मिसाल है। यहां मोहर्रम कमेटी में हिन्दू तो रामलीला परिषद में अनेक मुस्लिम एकता पदाधिकारी है। मुहर्रम की पांचवी के ताजिया जुलूस में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रवीश द्विवेदी, पंकज अग्रवाल, अतुल मिश्रा, राजीव बाजपेयी, अशरफ, मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष नसीम अहमद, मुशर्रफ अली, जावेद उर्फ रवीना किन्नर, अम्ब्रीश चौरसिया, निशीत सक्सेना आदि मौजूद रहे।
