
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। श्री राधा शक्ति श्याम मन्दिर लोहाई रोड पर युगल जयन्ती उत्सव के अंतर्गत डॉ0 मनमोहन गोस्वामी ने कहा कि बुन्देलखण्ड एवं ब्रज क्षेत्र के संत वालिया बाबा भगवान कृष्ण एवं राधा रानी के सखाभाव के परमभक्त थे। बचपन से आध्यात्मिकता के संस्कार अपने परिवार में मिले और घर छोडक़र वृंदावन में बाल कृष्ण की लीलायें, रास लीला में वृंदावन के वनों में कृष्ण भक्ति का गुणगान संगीत प्रेमी भजन कीर्तन में भगवान कृष्ण को खोजते रहे। सुगम संगीत एवं शास्त्रीय संगीत के प्रेमी कृष्ण की लीलाओं में एवं रास लीलाओं में ईश्वर के दर्शन नहीं हुये तो निष्ठुर बनकर कृष्ण के दर्शन के लिये एक स्थान पर बैठ गये। भगवान कृष्ण को अपने भक्त प्रेमी जानों के दर्शन के लिये आना पड़ा। दिव्य दर्शन और ज्ञान प्राप्त करने के पश्चात में परमहंस और ब्रह्म से वार्ता करते हुये अपनी विचित्र लीलाओं में कृष्ण की उपासना में लीन हो गये। वह जहां-जहां गये कृष्ण भक्ति के शक्ति पीठ या दिव्य भव्य मंदिर बन गये। वृंदावन श्रीनाथद्वार, गोविन्द देव मंदिर जयपुर ग्वालियर मध्य प्रदेश, करोली स्टेट आदि जगहों पर उनकी आराधना, साधाना कृष्ण भाव के केन्द्र बन गये। उनकी विचित्र कौतूहल लीलाओं के द्वारा समाज में भक्ति संगीत के संस्कारों के द्वारा पथ प्रदर्शन किया और 180 वर्ष की आयु तक भगवान कृष्ण एवं राधारानी की सेवा भक्ति तथा समाज में मानव जीवन का आध्यात्मिक मार्गदर्शन करते हुये ब्रह्मलीन हो गये। डॉ0 मनमोहन गोस्वामी ने कहा कि कृष्ण भक्ति की गाथाओं से समाज और मानव जीवन को सुख शांति मिलती है। कथायें भाव जीवन के संस्कार देती हैं। इसी उद्देश्य से सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति आज इतने विरोध के पश्चात विविधता में अपना स्थान बनाये हुये है। कथा का विराम श्री राधा कृष्ण युगल सरकार की आरती और प्रसाद वितरण के साथ किया गया। इस मौके पर सुरेंद्र सफ्फड़, हर्मित सिगतिया, जितेन्द्र अग्रवाल, श्रवण कुमार जालान, बृज किशोर सिंह किशोर, अशोक विश्वकर्मा, लालू ने सभी गणमान्य भक्तों का स्वागत किया।
