
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। संयुक्त संघर्ष संचालन समिति ने पुरानी पेंशन बहाली व लम्बित मांगों को लेकर सांसद मुकेश राजपूत को ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष दीपिका त्रिपाठी, जिला महामंत्री प्रमोद कुमार दीक्षित के नेतृत्व में सभी पदाधिकारियों ने खुला पत्र सांसद को सौंपकर मांग की है १५ वर्षों से लंबित पुरानी पेंशन बहाली की मांग चल रही है। सरकार मानने को तैयार नहीं, जबकि प्रदेश के १७ लाख कर्मचारी, शिक्षक और उनके परिवारों से जुड़ी मांग है। राज्य के लाखों परिवार असंतुष्ट है। कोरोना आपदा में प्रदेश के शिक्षकों, कर्मचारियों ने सहयोग व त्याग के साथ ड्यूटी निभाई। जबकि अनेक भत्तों को विशेष वेतन को एक पक्षीय ढंग से समाप्त कर दिया गया और दिये गये एरियर की धनराशि का भुगतान न करने के आदेश मिले है। कर्मचारी व शिक्षकों की इस सरकार में कोई सुनने वाला नहीं है। ऐसा संदेश कर्मचारी समाज में है। विसंगत प्रकरणों पर सरकार ने फरवरी व मार्च २०१८ से अभी तक पूरा निर्णय किया है। चिकित्सा परिचर्या नियमावली लागू करने में विलंब हुआ है। जबकि यह शासकीय दल के चिंतक प्रोधा दीनदयाल के नाम से संचालित की जा रही है। विभाग स्तर पर होने वाली बैठकों का दौर समाप्त हो गया है। शिक्षक, कर्मचारी सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय के फैसलों का अनुपालन रोकने के लिए कानून अधिसूचना जारी कर उनकों दशकों पहले की गई डेट से लागू करने की परम्परा डालने, विभाग में १०-२० वर्षों से संविदा मानदेय आदि के रुप में निरंतर कार्यरत कार्मिकों व शिक्षकों का नियमितिकरण न होने, केयर रिव्यू न करने, सफाई कर्मियों की सेवा नियमावली न बनाने, दशकों से स्थापित स्थानांतरण, नीति में लोकतंत्र विरोधी परिवर्तन करने जैसे अनेक विषयों ने कर्मचारी व शिक्षकों में असंतोष बढ़ाया है। ओपीएस बहाली का आंदोलन राष्ट्रीय परिदर्श में गतिमान और प्रभावी है। पांच राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल हो चुकी है। उसी की तर्ज पर पेंशन बहाल हो। साथ ही लंबित समस्याओं का समाधान हो, आदि मांगों को लेकर सांसद को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर विमल, जितेन्द्र सिंह राठौर, विजय शंकर तिवारी, प्रमोद राजपूत, रोहित मिश्रा, मनोज कुमार, अभय कुमार, राज सिंह, राजेश कुमार, रमेश चक, देवेन्द्र सिंह, विजेन्द्र पाल, राकेश चन्द्र मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।
