समृद्धि न्यूज। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान की हिस्सेदारी पर अब संकट के बादल छा गए है। बांग्लादेश की टीम पहले ही इस टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है और अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने भी अपनी टीम को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। मोहसिन नकवी के मुताबिक पाकिस्तान की टीम इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी या नहीं ये अभी तक साफ नहीं हुआ है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड बीसीबी की जिद ने उन्हें आखिरकार टी20 विश्व कप 2026 में खेलने से वंचित कर दिया। शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल आईसीसी ने बोर्ड के सभी सदस्यों को बांग्लादेश को बाहर करने और स्कॉटलैंड को शामिल करने की जानकारी दे दी। खेल की वैश्विक संस्था के इस फैसले के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पीसीबी ने हाय-तौबा मचाना शुरू कर दिया। पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने एक तरफ आईसीसी पर बांग्लादेश मामले में पक्षपात का आरोप लगाया तो दूसरी तरफ यह भी संकेत दिया कि पाकिस्तान भी आगामी विश्व कप से बाहर हो सकता है।
PCB chairman Mohsin Naqvi responded to Pakistan's participation in the #T20WorldCup and Bangladesh's unfair treatment by ICC.#Cricket | #Pakistan | #MohsinNaqvi | #Lahore | #Bangladesh pic.twitter.com/uaPdH87SO3
— Khel Shel (@khelshel) January 24, 2026
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट में खेलेगी या नहीं इसका फैसला पाकिस्तान सरकार ही लेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड बीसीबी ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में मैच नहीं खेलने का फैसला किया था। बीसीबी ने आईसीसी से अपने मैचों को भारत के बाहर कराने की मांग की, लेकिन 21 जनवरी को हुई आईसीसी बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव खारिज कर दिया गया था, जिसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कहा कि अंतिम निर्णय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से चर्चा के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा, श्विश्व कप में हिस्सा लेने के बारे में हमारा रुख वही होगा जो पाकिस्तान सरकार हमें बताएगी। प्रधानमंत्री अभी पाकिस्तान में नहीं हैं। जब वह वापस आएंगे, तो मैं आपको हमारा आखिरी फैसला बता पाऊंगा। यह सरकार का फैसला है। हम उनकी बात मानते हैं, आईसीसी की नहीं।
