फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। आरोपियों से सांठगांठ कर अवैध रुप से कब्जा कराने व घर में घुसकर गाली-गलौज करने तथा झूठे मुकदमे में फंसाकर एनकाउंटर करने की धमकी देने के मामले में दो उपनिरीक्षक व चार महिला पुलिसकर्मी सहित 6 अन्य सिपाहियों के विरुद्ध न्यायालय में याचिका दायर की गई।
शहर कोतवाली के खटकपुरा सिद्दीकी लिंजीगंज हॉस्पिटल पीली बिल्डिंग निवासी रुखसाना पत्नी तौफीक खान ने मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट दंडाधिकारी के न्यायालय में दायर की याचिका में दर्शाया कि उसके मकान को लेकर सलीम आदि से विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते 23 मई को शहर कोतवाली के उपनिरीक्षक सुबोध यादव, उपनिरीक्षक सुनील यादव, चार महिला पुलिस कर्मी व ६ अज्ञात सिपाही आरोपी सलीम के साथ घर में घुस आये और मेरे 75 वर्षीय ससुर मो0 हाफिज खां गाली-गलौज किया। उपनिरीक्षक सुबोध यादव ने धमकी दी कि तेरे पति पर फर्जी मुकदमा लगवाकर एनकाउंटर करवा देंगे। तत्काल 24 घंटे में मकान खाली कर दो, अन्यथा तुमकों थाने में बंद कर देंगे। दूसरे दिन 24 मई को पुलिस कर्मी फिर आये और कहा कि तुम लोगों ने मकान खाली नहीं किया और मेरे ससुर को थाने ले गयी। तीसरे दिन पुलिस कर्मी ससुर को साथ लाये आये और कुरान को साक्षी मानकर समझौता कर लेने की धमकी दी। मना करने पर पीडि़ता की सास रेशमा देवी को पुलिस कोतवाली ले गयी और बंद कर दिया। कुछ घंटे बाद सास की तबियत खराब हो गई तो पुलिस कर्मियों ने कोतवाली बुलाया। पुलिस ने पीडि़ता की सास को छोड़ दिया, बल्कि पीडि़ता व उसके ससुर का चालान कर दिया। जब पीडि़ता छूटकर वापस पहुंचे तो पुलिस कर्मियों ने आरोपी सलीम को मकान का अवैध रुप से कब्जा करा दिया था। पीडि़ता ने घटना के संदर्भ में पुलिस से शिकायत की पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
दो उपनिरीक्षक सहित अन्य 10 पुलिस कर्मियों के खिलाफ याचिका दायर.
