फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी व्यायाम पातीराम व्यायामशाला धन्सुआ में १०९ साल पुरानी पम्पराओं को आगे बढ़ाते हुए खिलाडिय़ों नेे हैरतअंंगेज करतब दिखाये। व्यायामशाला के खिलाडिय़ों ने १०९ साल पुरानी पम्पराओं को आगे बढ़ाते हुए तलवारबाजी, जिम नास्टिक, अपने देश-धर्म की रक्षा के लिए कला के माध्यम प्रदर्शन किया। चुनौतियों के बावजूद तलवारबाजी एक बहुत ही फायदेमंद खेल है। यह आकार में रहने, नए कौशल सीखने और मानसिक और शारीरिक रूप से खुद को चुनौती देने का एक शानदार तरीका है। यदि आप एक चुनौतीपूर्ण और फायदेमंद खेल की तलाश में हैं तो तलवारबाजी एक बढिय़ा विकल्प है। जिम्नास्टिक एक ऐसा खेल है जिसमें वे शारीरिक व्यायाम शामिल हैं। जिनमें संतुलन, शक्ति, लचीलापन, चपलता, समन्वय, समर्पण और धीरज की आवश्यकता होती है। जिम्नास्टिक के लिए हाथ, पैर, कंधे, पीठ, छाती और पेट की विकसित की गई। मजबूत मांसपेशियों का अहम योगदान होता है। जिम्नास्टिक प्राचीन यूनानियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले अभ्यासों से विकसित हुआ। जिसमें घोड़े पर चढऩे, उतरने के कौशल और सर्कस प्रदर्शन कौशल शामिल थे। जिम्नास्टिक्स सभी खेलों के लिए आधार खेल है। जिम्नास्टिक्स शक्ति, लचीलापन, संतुलन और नियंत्रण पर आधारित एक खेल है।
खिलाडिय़ों ने तलवारबाजी व अन्य कलाओं का किया प्रदर्शन
