भागलपुर में बोले पीएम मोदी, पीएम किसान योजना की 19वीं किस्त जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार दौरे पर हैं. भागलपुर में किसान सम्मान समारोह के मंच से पीएम मोदी ने पीएम किसान योजना की 19वीं किस्त जारी की. साथ ही कई अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा, महाकुंभ के समय में इस धरती पर आना अपने आप में बड़ा सौभाग्य है. इस धरती में आस्था भी है, विरासत भी है और विकसित भारत का सामर्थ्य भी है. इस धरती से आज किसान सम्मान निधि की एक और किस्त जारी की गई है. मैं बिहार और देश के सभी किसान परिवारों को बहुत शुभकामनाएं देता हूं. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के भागलपुर से पीएम किसान योजना की 19वीं किस्त जारी कर दी है. इस योजना का फायदा देश भर के 9.80 करोड़ से अधिक किसानों को मिलेगा. इस बार 19वीं किस्त में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए गए है. ये पैसे सीधे किसानों के बैक खातों में ट्रांसफर हुए. इसमें बिहार के 76 लाख किसान शामिल है.भागलपुर इसबार किसान सम्मान निधि योजना की छठी वर्षगांठ का गवाह भी बनेगा.

पीएम किसान सम्मान निधि योजना

देश के किसानों के लिए आज का दिन बेहद खास है. बता दें, कि 18 वीं किस्त 5 अक्टूबर 2024 को महाराष्ट्र के वाशिम से जारी की गई थी. वहीं, साल 2019 में 24 फरवरी को पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरूआत हुई थी.किसान 6 हजार रुपए की धनराशि का इस्तेमाल किसान खेती से जुड़ी जरूरतों जैसे खाद, बीज, कीटनाशक आदि खरीदने में इस्तेमाल करते हैं. पीएम-किसान योजना के माध्यम से किसानों को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन बराबर किस्तों में दी जाती है.

पीएम मोदी बोले- खगड़िया में रजिस्टर हुआ एसफीओ

पीएम मोदी ने कहा कि दलहन और तिलहन में हम आत्मनिर्भर हों, यहां अधिक से अधिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगे, किसान खुशहाल हो, इसके लिए सरकार एक से एक कदम उठा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि मक्का, केला और धान पर काम करने वाला एफपीओ खगड़िया में रजिस्टर हुआ है। आज देश के लाखों किसान एफपीओ से जुड़े हैं। यह एफपीओ आज कृषि क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये का कारोबार करने लगे हैं। आज 10,000 एफपीओ बनाने का पूरा हो गया है। 10,000वें किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ)  यह कदम किसानों को बाजार में बेहतर पहचान और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा अवसर प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह बिहार दौरा राज्य के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है।

मोदी-नीतीश आपका हक किसी को नहीं खाने देंगे

प्रधानमंत्री ने कहा, पहले किसानों के हक का पैसा बिचौलिए हड़प लेते थे. मगर, मोदी और नीतीश आपका हक किसी को नहीं खाने देंगे. आज किसानों का हक सीधे उनके खाते में दिया जा रहा है. ये काम कोई भ्रष्टाचारी नहीं कर सकता. कांग्रेस हो, जंगल राज वाले हों, इनके लिए किसानों की तकलीफ मायने नहीं रखती. पहले जब बाढ़ आती थी और सूखा पड़ता था तब ये लोग किसानों को अपने हाल पर छोड़ देते थे. 2014 में जब आपने एनडीए को आशीर्वाद दिया तो मैंने कहा, ऐसा नहीं चलेगा. सरकार ने ‘पीएम फसल बीमा योजना’ बनाई. इस योजना के तहत पौने दो लाख करोड़ रुपये का क्लेम किसानों को आपदा के समय मिल चुका है.

एनडीए सरकार ने इन स्थितियों को बदला

उन्होंने कहा, किसानों को खेती के लिए अच्छे बीज, पर्याप्त और सस्ती खाद चाहिए. किसानों को सिंचाई की सुविधा चाहिए. पशुओं का बीमारी से बचाव चाहिए और आपदा के समय नुकसान से सुरक्षा चाहिए. पहले इन सभी सुविधाओं को लेकर किसान संकट से घिरा रहता था. एनडीए सरकार ने इन स्थितियों को बदला है. अब किसानों को अच्छे बीज और सस्ती खाद मिल रही है.

अगर एनडीए सरकार ना होती तो क्या होता?

पीएम मोदी ने कहा, बीते सालों में हमने सैकड़ों आधुनिक किस्म के बीज किसानों को दिए हैं. पहले यूरिया के लिए किसान लाठी खाता था. यूरिया की कालाबाजारी होती थी. अब किसानों को पर्याप्त खाद मिलती है. अगर एनडीए सरकार ना होती तो क्या होता? अगर एनडीए सरकार ना होती तो आज भी किसानों को खाद के लिए लाठियां खानी पड़ती. एनडीए सरकार ना होती आज किसानों को यूरिया की एक बोरी 3 हजार की मिल रही होती.

इससे भागलपुर के बुनकरों को काफी फायदा मिलेगा

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के देशों में तसर सिल्क की डिमांड बढ़ रही है। एनडीए सरकार रेशम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए काफी जोर दे रही है। कई प्रोजेक्ट पर काम भी कर रही है। इससे भागलपुर के बुनकरों को काफी फायदा मिलेगा। उनके उत्पाद दुनिया के कोने-कोने में जाएंगे। बिहार में कई जगहों पर पुल नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए हमलोगों कई पुल बनवा रहे हैं। भागलपुर में गंगा नदी पर 1100 करोड़ की लागत से पुल बनवाए जा रहे हैं। बिहार में बाढ़ से काफी नुकसान होता है। इसके लिए हमने बजट में राशि दी है।

पीएम मोदी ने लालू परिवार पर बोला हमला

पीएम नरेंद्र मोदी ने लालू परिवार हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग पशुओं का चारा खा सकते हैं। वह कभी भी परिस्थितियों को बदल नहीं सकते हैं। एनडीए सरकार ने इसे बदला है। पहले यूरिया के लिए किसान लाठी खाता था। यूरिया की कालाबाजारी होती थी। आज देखिए किसानों को पर्याप्त खाद मिलती है। हमने तो कोरोना काल में भी किसानों को खाद की कमी नहीं होने। आप कल्पना कीजिए अगर एनडीए सरकार न होती तो क्या होता? अगर एनडीए सरकार नहीं होती तो आज भी हमारे किसानों को खाद के लिए लाठियां खानी पड़ती। आज भी बरौनी कारखाना बंद रहता है। जो खाद की बोरी विदेशों में 3000 रुपये में मिलती है। एनडीए सरकार 300 रुपये से कम में खाद की बोरी दे रही है। हमारी सरकार किसानों की भलाई के लिए काम करती है। यूरिया और डीएपी का पैसा किसानों को खर्च करना था लेकिन वह केंद्र सरकार खुद खर्च कर रही है। जो 12 लाख करोड़ रुपये आपकी जेब से जाने वाले थे, वह केंद्र सरकार ने बजट में से दिए हैं। यानी इतना रुपया देश के किसानों की जेब में बचा है। अगर एनडीए सरकार न होती तो आपको पीएम किसान निधि योजना न मिली। इस योजना के शुरू हुए छह साल हुए हैं। अब तक तीन लाख 70 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के खाते हैं। इसमें कोई बिचौलिया नहीं है।

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