उन्नाव, समृद्धि न्यूज। पुलिस ने धोखाधड़ी कर कारो की बिक्री करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो वाहन मालिकों को मासिक किराये का लालच देकर उनकी गाड़ियां एग्रीमेंट में लेकर और बाद में उन्हें बेचकर धोखाधड़ी करता था. इस गिरोह के 5 सदस्यों को एसओजी, सर्विलांस टीम व गंगाघाट पुलिस ने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से करीब 2 करोड़ के 13 चारपहिया वाहन, 6 मोबाइल फोन और 3,040 रुपये नकद बरामद किए गए हैं. बरामद गाड़ियों में पूर्व मुख्यमंत्री के पीएसओ जय प्रकाश की गाड़ी भी शामिल है, जिसे वह किराये पर लगाए हुए थे।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में कार्रवाई की गई. मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने आजाद मार्ग स्थित साई गैलेक्सी होटल के पास दबिश देकर गिरोह के 5 सदस्यों को पकड़ा. गिरफ्तार अभियुक्तों में शामिल हैं शिवा गुप्ता (30) निवासी ऋषिनगर थाना गंगाघाट, रितिक पाल (23) निवासी प्रेमनगर थाना गंगाघाट, प्रसून सैनी (20) निवासी पोनी रोड, इन्द्रानगर, थाना गंगाघाट, रीसू गौतम (23) निवासी प्रेमनगर, गंगाघाट, गौरव गौतम (24), निवासी प्रेमनगर, गंगाघाट.
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वह वाहन मालिकों को भरोसा दिलाने के लिए किसी कंपनी या फर्म में गाड़ियां लगाने के नाम पर मासिक किराये का एग्रीमेंट करते थे. शुरुआत में 3-4 महीने तक तय किराया समय पर देकर मालिकों का विश्वास जीतते, फिर गाड़ियों को बेच देते. जब खरीदार कागज अपने नाम कराने को कहते तो कुछ महीनों बाद गाड़ी में खामी बताकर उसे वापस ले लेते और दूसरी गाड़ी दे देते. इसके बाद न तो गाड़ी लौटाते और न ही पैसा. इसी तरह से बार-बार अलग-अलग लोगों के साथ ठगी करते थे.
थाना गंगाघाट में 13 अगस्त 2025 को पंजीकृत मुकदमा संख्या 484/2025 में दर्ज कार UP 32 NP 0370 (Dzire) के मामले में भी इनकी संलिप्तता मिली. आरोपी शिवा गुप्ता ने स्वीकार किया कि इस कार को उन्होंने ₹5 लाख में दिलीप वर्मा पुत्र बिन्दादीन वर्मा, निवासी गायत्री नगर, गंगाघाट को बेचा था. इसमें से ₹3 लाख की डिजिटल पेमेंट जून 2025 में रितिक पाल को की गई थी और ₹50,000 नकद मिले थे. बाकी राशि गाड़ी ट्रांसफर होने के बाद देने का वादा किया गया था, लेकिन बाद में आरोपी गाड़ी वापस ले गए और पैसा नहीं लौटाया ।पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के खुलासा करते हुए बताया कि यह गिरोह संगठित तरीके से कई जिलों में सक्रिय था और अब तक कई वाहन मालिकों को ठग चुका है. इनके विरुद्ध धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं. बरामद वाहनों की शिनाख्त और असली मालिकों को सुपुर्दगी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. यह गैंग कहां काम करता था इसमें और कितने लोग शामिल थे इसपर जांच चल रही है. सभी संलिप्त अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा. वहीं खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम पुलिस अधीक्षक के तरफ से दिया गया है।
