उन्नाव , समृद्धि न्यूज। जनपद में लगातार बढ़ रही ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) और क्षेत्राधिकारी हसनगंज के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना अजगैन पुलिस ने ट्रांसफार्मर तेल और कॉपर चोरी करने वाले गिरोह के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से चोरी किया गया भारी मात्रा में ट्रांसफार्मर ऑयल, कॉपर वायर, नकदी और वारदात में प्रयुक्त पिकअप डाला भी बरामद किया है।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में सलीम पुत्र अली अहमद (36 वर्ष), निवासी रायपुर चौराहा, थाना रनिया, जनपद कानपुर देहात; अमन यादव पुत्र रणवीर (19 वर्ष), निवासी नवीपुर, थाना अकबरपुर, कानपुर देहात; तथा रोशन पुत्र हरिश्याम (29 वर्ष), निवासी गहरोली, थाना सरैनी, जनपद रायबरेली शामिल हैं।
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से तीन नीली प्लास्टिक कैनों में भरा करीब 150 लीटर ट्रांसफार्मर ऑयल, लगभग 20 किलो कॉपर वायर/कॉयल, एक सिलेंडर, पीली त्रिपाल, इलेक्ट्रॉनिक कटर, केबल काटने की कैची, रिंच-पाना, रस्से, लकड़ी का गुटका, ₹8,800 नकद तथा चोरी में प्रयुक्त पिकअप डाला (संख्या UP 78 JT 0409) बरामद किया है। इस बरामदगी ने गिरोह की संगठित चोरी की कार्यशैली को पूरी तरह उजागर कर दिया।
पुलिस के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 को थाना अजगैन क्षेत्र के ग्राम कुसुम्भी में 250 केवीए ट्रांसफार्मर से कॉपर कॉयल और तेल चोरी की घटना सामने आई थी। अवर अभियंता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन कानपुर नगर के सनिगवां क्षेत्र से बरामद किया गया। इसके बाद 12 जनवरी 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने हिमसिटी कॉलोनी में खड़ी बिना नंबर पिकअप को घेराबंदी कर तीनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे हाईवे और सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर, रेलिंग, केबल और विद्युत लाइनों को निशाना बनाते थे। अभियुक्तों ने औरास, बंथरा (लखनऊ), उरई-जालौन सहित कई जिलों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात भी कबूल की है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह सुनसान इलाकों और हाईवे किनारे लगे ट्रांसफार्मरों को निशाना बनाता था। बरामद माल के आधार पर मुकदमे में धाराएं बढ़ाई गई हैं। साथ ही वाहन के वैध कागजात प्रस्तुत न कर पाने के कारण पिकअप डाले को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया गया है।
