फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। चैत्र नवदुर्गा के दूसरे दिवस नगर के शक्तिपीठों व देवी मंदिरों में भीड़ उमड़ती रही। भक्तों ने मंदिर में पहुंचकर दुर्गा देवी के द्वितीय स्वरुप ब्रह्मचारिणी का पूजन किया। लोगों ने उपवास रखकर मां की उपासना की। वहीं शाम को महिलाओं ने जागरण किया।
नवरात्र के दूसरे दिन नगर के देवी मंदिरों में मां दुर्गा के देवी ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा की गयी। मां ब्रह्मचारिणी के दाएं हाथ में माला और बाएं हाथ में कमण्डल है। शास्त्रों में बताया गया है कि मां दुर्गा ने पार्वती के रूप में पर्वतराज के यहां पुत्री बनकर जन्म लिया और महर्षि नारद के कहने पर अपने जीवन में भगवान महादेव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की। हजारों वर्षों तक अपनी कठिन तपस्या के कारण ही इनका नाम तपश्चारिणी या ब्रह्मचारिणी पड़ा। अपनी इस तपस्या की अवधि में इन्होंने कई वर्षों तक निराहार रहकर और अत्यन्त कठिन तप से महादेव को प्रसन्न कर लिया। यह देवी भक्तों की सभी मनोकनाओं को पूर्ण करती है। पूजन करने के लिए देवी मंदिरों पर सुबह से लेकर शाम तक भक्तों का आना-जाना लगा रहा। पल्ला मठिया, गुरगांव देवी मंदिर, महाकाल मंदिर, काली देवी मंदिर मऊदरवाजा, बढ़पुर स्थित शीतला देवी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, भोलेपुर स्थित वैष्णोदेवी मंदिर, फतेहगढ़ के कालीबाड़ी मंदिर, सैन्य क्षेत्र में स्थापित शक्तिपीठ मंदिर सहित शहर व देहात क्षेत्र में छोटे-बड़े सभी मंदिरों में पहुंचकर भक्तों ने माथा टेंका। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किये।
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना कर की सर्व मंगल की कामना
