फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। काजी जफर शाह रिजवी ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को ६ सूत्रीय ज्ञापन देकर कार्यवाही की मांग की है। ज्ञापन में दर्शाया कि बहादुरगंज में नवाब खादिब हुसैन का मकबरा 12 दरी के नाम से विख्यात है। जिसमें उनकी एवं उनकी पत्नी की कब्र मौजूद है। उन्होंने दर्शाया कि नवाब काजिम हुसैन पुत्र स्व0 फितनत हुसैन खां ने अपने जावेद खां के नाम 1972, 77 के अससमेंट में जावेद खां का नाम अंकित करा लिया है, जबकि जावेद खां 1972 में पैदा भी नहीं हुए थे। सारी सम्पत्ति मजरुआ है और राजस्व विभाग सेक्शन 15 सब सेक्शन 3 में अंकित है। जिस पर कोई इमारत नहीं बन सकती है और न ही किसी के नाम दाखिल खारिज हो सकता है। जावेद खां ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के यहां शपथ पत्र दाखिल करके इस संपत्ति को अपना पैतृक बताया है। उसका कोई प्रमाण यदि है तो वह मिलकियत का देख लिया जाये। उन्होंने एक जगह को मोहम्मद खां वेल्फेयर सोसायटी स्थापित की है। अध्यक्ष कासिम हुसैन व सचिव इस्लाम खां ने धन अर्जित करके जगह-जगह दाखिल की है। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वक्फ आयुक्त के यहां अपने को मालिक बताया। जिसकी जांच सीबीआई में चल रही है। काजिम हुसैन खां ने २०११ में काशीराम कालोनी हैवतपुर गढिय़ा में भूमिहीन होने का प्रमाण डूडा को दिया था। अगर यह नवाब थे तो इनके पास रियासत होते ही आवास क्यों नहीं लिया। प्रधानमंत्री आवासीय योजना के अन्तर्गत जावेद खां ने २.५० लाख डूडा से प्राप्त किया और अपनी नाबालिक पुत्री के नाम लाभ उठाने का पत्र दिया, जो धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। इन बिन्दुओं को अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भी पत्र प्रेषित किया है।
काजी जफर शाह ने वक्फ सम्पत्ति की जांच कराये जाने की मांग
