पांच सौ रुपये के लिए की गई थी राकेश की हत्या, आरोपी गिरफ्तारी

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मजदूरी के पांच सौ रुपये न मिलने पर राकेश कश्यप की हत्या की गई थी। पुलिस ने हत्या में वांछित आरोपी को आला कत्ल सहित गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
मेरापुर थानाध्यक्ष दिग्विजय सिंह, उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र ने अपने हमराहों के साथ हत्या में वांछित विनोद कुमार पुत्र स्व0 रामचन्द्र निवासी ग्राम बिछौली थाना मेरापुर नगला झोंत तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह चार भाई है। एक भाई मदनपाल की शादी हुयी है। शेष हम तीनों भाई रामकिशोर, सरफू और मंै अविवाहित है। मेरा भाई मदनपाल ग्राम बिछौली में रहता है। दो भाई रामकिशोर, सरकू का काफी दिनों से गांव में कोई आना जाना नहीं है न उनके बारे में मुझे कोई जानकारी है। मेरा खुद का कोई घर नहीं है। मैने अपने पैतृक मकान को अपने भाई मदनपाल के पुत्र रजत को रूपये 10 हजार रुपये में स्टाम्प पेपर में गांव के लोगों के समक्ष बेच दिया था। उसके बाद मैं ग्राम बिछौली व ग्राम नौली में अन्य जगहो पर काम करता था। उन्हीं लोगों के यहां रात को रूक जाता था। मृतक राकेश कश्यप ने गां के शिपाल के एक बीघा धान की रूपाई हेतु 1800 रूपये में ठेका लिया था। जिसको राकेश और मैने मिलकर रूपाई किये थे। जिसका पैसा राकेश के द्वारा मुझे दिया जाना था। इसके बाद राकेश के बटाई के खेत मे खड़ी मूंगफली की खुदाई हेतु 350 रुपये प्रतिदिन की दर से दो दिन मूंगफली की खुदाई की थी। जिसमे मेरे कुल 1600 रूपये हो रहे थे। जिनमे से राकेश ने मुझे एक बार 400 रूपये, 500 रूपये, 100 रूपये और फिर 100 रूपये दिए थे। मेरे 500 रूपये शेष थे। तो मंै गांव से दिल्ली काम करने जाना चाहता था तो मैने 25 जुलाई को समय करीब 11 बजे दिन उसी मूंगफली के खेत पर राकेश से शेष बचे हुए 500 रूपये माांग रहा था तो राकेश ने कहा कि अभी मेरे पास पैसे नहीं है बाद में दूंगा। तो मैने गुस्से में आकर कहा कि मैने दिन दोपहरी घाम (धूप) में काम किया है मेरे पैसे दो परन्तु राकेश कश्यप ने मेरे पैसे नहीं दिये। उस समय खेत मालिक रामनिवास निवासी नौली भी मौजूद था। रामनिवास के होने की बजह से राकेश से उस समय मैंने कुछ नहीं कहा और चला गया। शाम को मैने करीब 7:30 बजे के करीब खेत मालिक के नाती आमोद कुमार पुत्र स्व0 अवनल कुमार को दो-तीन बार फोन राकेश के बारे में पूछा था। तो उसे बताया कि वह खेत पर नहीं है। रात्रि १० बजे उसी खेत पर गया जहां राकेश सोता था। मैं वहां पहुंच गया और बगल में बने ट्यूबवेल की चाबी टंकी थी। जिसे मैंने खोला और फावड़ा से राकेश की गर्दन पर हमला कर दिया। जिससे उसकी मौत हो गई और मैं फावड़ा लेकर नौली की ओर चला गया। करीब 200 मीटर आगे गांगाराम ंके खेत मे खड़ी ज्वार चरी में फेंक दिया। उसके बाद मैं बस से एटा चला गया था। उसके बाद मैं नौली के अजयपाल की भतीजी कमलेश कुमारी के ससुराल ग्राम शाहपुर मैनपुरी चला गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *