राम परब्रह्म के रूप में लोक कल्याण हेतु धरती पर आए

चतुर्थ सोपान किष्किंधा कांड पर डा0 शिवओम अम्बर ने किया व्याख्यान
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। श्री राधा शक्ति श्याम मंदिर लोहाई रोड में श्री रामचरितमानस के चतुर्थ सोपान के अंतर्गत डॉ0 शिव ओमअंबर के गहन अध्ययन एवं चिंतन में चतुर्थ सोपान किष्किंधा कांड मानस का मध्य एवं समतल एवं समन्वयक अरण्य (वन) में सुग्रीव राम का मिलन परस्पर उनकी परीक्षा, वार्ता, संवाद श्री राम को पर ब्रह्म के स्थान पर मानव अवतार माना है, जबकि श्री राम पर ब्रह्म के रूप में लोक कल्याण हेतु धरती पर आए। इसी श्रृंखला में बाली का मिलन, उसका अहंकार को दूर करना तथा मुक्तिधाम भेजना, रहस्य मय गूढ चिंतन के द्वारा व्याख्या की।
इसी कांड में श्री राम भक्त हनुमान जी ब्राह्मण के रूप में मिलते हैं। वह श्री राम का बरसों से जप कर रहे थे। श्री राम जी ने मानव कल्याण हेतु धर्म की रक्षा, राक्षसों का वध करने का संकल्प लिया। जिसमें श्री राम मनुष्य अवतार से लोकनायक श्री राम हुए। सुग्रीव की दुर्बलता उसका भयभीत होना, श्री राम की भक्ति इस काण्ड में सोपान का मूल मंत्र है। भव भेषज रघुनाथ जसु सुनहिं जे नर अरु नारि। तिन्ह कर सकल मनोरथ सिद्ध करहिं त्रिसिरारि॥
भावार्थ इस संसार रूपी कष्ट मायाजाल जीवन मरण हारी व्याधि रोग निवारण में श्री राम काम, उनकी लीलाएं, उनका रस अपने जीवन में उतारें यह औषधि का कार्य करती है। अर्थात भवसागर पार हो जाता है। इस सोपान का मूल मंत्र है। विनय अग्रवाल, सुनील अवस्थी, राजीव मिश्रा, सुरेंद्र सफ्फड़, विजेंद्र सिंह माली, उत्कर्ष अग्निहोत्री, आलोक गौड़, जितेंद्र अग्रवाल आदि लोगों ने डा0 शिवओम अम्बर का अंगवस्त्र स्मृति चिन्ह पुष्प मालाओं के साथ अभिनंदन किया। कार्यक्रम में श्यन आरती रेनू सिगतिया, अलका पांडे, इंदिरा पांडे ने गीत संगीत के साथ कार्यक्रम को विराम दिया। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर सैकड़ो राम भक्तों ने कथा श्रवण करके पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम का संचालन बृज किशोर सिंह किशोर ने किया।

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