शायद सबकी सुनी प्रार्थना प्रभु राम घर आए: पं0 रोहित
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। राष्ट्रीय कवि संगम जनपद इकाई के तत्वावधान में रामोत्सव कवि सम्मेलन का आयोजन जलालपुर में सम्पन्न हुआ।
रविवार को इटावा से पधारे संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष अतिथि कवि पंडित रोहित चौधरी व मुख्य अतिथि डा0 पल्लव सोमवंशी, राम मोहन शुक्ल, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद राजपूत, दिलीप कश्यप ने सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे इटावा से आए कवि पंडित रोहित चौधरी ने सपने थे वर्षों घर की देहरी पर दीप जलाए, शायद सबकी सुनी प्रार्थना प्रभु राम घर आए, दीप मालिका सजी हुई है बन्दनवार बनी है, सही अर्थ में भरतभूमि पर दीपावली मनी है।
लखनऊ से आईं कवयित्री श्वेता शुक्ला ने वफाओं का मेरी तुम भी सिला देते तो अच्छा था, खलिश दिल की मोहब्बत से मिटा देते तो अच्छा था तुम्हारी याद में हमने सदा आंसू बहाये हैं कभी हंसने की मुझको तुम दुआ देते तो अच्छा था पंक्तियां पढ़ीं। लखनऊ से आए शेखर त्रिपाठी ने जिन्हें दाम प्यारे उन्हें दाम दे दो, मुझे राम प्यारे मुझे राम दे दो गीत पढ़ा। वाशु पाण्डेय ने उसके हाथ में बाकी क्या रह जाता है, तुमने जिसका हाथ पकड़ कर छोड़ दिया। कवयित्री स्मृति अग्निहोत्री ने समाहित है जीवन लकीरों में जैसे बसा लूं तुम्हें इस हथेली में वैसे कि हो आमना सामना हर सेवेरे बसे हो ह्रदय में तुम्हीं राम मेरे गीत पढ़ा। कवि डॉ0 संतोष पाण्डेय ने ऋषियों की तपों भूमि है वेदों का गान है, हांए हमारे बाप का हिंदुस्तान है। नलिन श्रीवास्तव ने तकती थी राह जिसकी वो दर्शन के आ गए शबरी के राम चलकर, खुद उपवन में आ गए। कवि राम मोहन शुक्ल, राम अवतार शर्मा इंदु, दिलीप कश्यप कलमकार, प्रियांशु पाण्डेय, दिनेश अवस्थी आदि ने काव्य पाठ किया। इस अवसर पर डा0 नवेद अलीम, डॉ0 रोहित तिवारी, डा0 पल्लव सोमवंशी, कैलाश चंद्र कटियार, सुबोध शुक्ला, राज गौरव पाण्डेय आदि को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सूरज पाल, भगवान सिंह, संदीप कुमार, रंजीत, अमित कुमार, मनोज कुमार, तराचंद्र, कुलदीप कुमार, अमित सक्सेना,आदि लोग मौजूद रहे। संचालन विशाल श्रीवास्तव ने किया।
राष्ट्रीय कवि संगम द्वारा रामोत्सव सम्मेलन का हुआ आयोजन
