चुनार (मिर्जापुर)। कजरहट पुुलिस चैकी क्षेत्र के अंतर्गत विष्णु मंदिर पर शादी के झांसे में आकर फंसे परिवार को सुलह समझौते के नाम पर एक लाख रुपये देकर अपनी जान छुड़ानी पड़ी। घटना की जानकारी पीड़ित पक्ष के रिश्तेदार ने जब लखनऊ में डीजीपी कार्यालय में दी तो स्थानीय अधिकारी हरकत में आई। फिलहाल पुलिस सोनभद्र के मधुपुर की दो संदिग्ध महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। घटना के बाद पीड़ित परिवार चुनार कोतवाली पुलिस के बार-बार बुलाने के बाद भी थाने में आकर शिकायत से कतरा रहा है।
झांसी के गुरसराय के रहने वाले अरविंद अग्रवाल ने बताया कि उनके साले अनूप अविवाहित हैं। वृद्ध मां के साथ महोबा के पनवाड़ी में रहते हैं। अनूप का विवाह नहीं हो रहा है। उन्हें किसी से पता चला कि महोबा का ही एक व्यक्ति रसूल खां लोगों का शादी विवाह कराता है। इस पर अनूप ने भी रसूल से शादी के संबंध में बात की। रसूल खां ने चुनार जाकर लड़की देखने को कहा। रविवार सुबह अरविंद अपनी पत्नी हर्षिता, दो बच्चों, भाभी और उनके बच्चे और साले अनूप के साथ दो वाहनों के साथ चुनार पहुंचे। एक होटल पर रुक कर सभी दुर्गाजी मंदिर के सामने स्थित विष्णु मंदिर में लड़की देखने गए। अरविंद ने बताया कि मंदिर पर बातचीत चल ही रही थी कि अचानक पुलिस पहुंच गई। सभी को अपने साथ कजरहट चैकी ले आई। चैकी में लड़की ने पहले अपहरण कर जबरदस्ती विवाह का फिर छेड़खानी का आरोप अरविंद और अनूप पर लगाया। पुलिस से बताया कि वह शादी के लिए लड़की देखने आए हैं। झूठा आरोप लगाया जा रहा है पर कजरहट चैकी पुलिस कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी। चैकी में ही घंटों तक मामले को लेकर पंचायत चली। लड़की व उसके साथ के लोगों ने सुलह समझौते के लिए पहले 60 हजार, बाद में दो लाख रुपये की मांग की। पुलिस के दबाव में 75 हजार नगद और 25 हजार रुपये किसी चंद्रभूषण नामक व्यक्ति के खाते में मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांसफर किया। तब जाकर पुलिस ने छोड़ा। शिकायत डीजीपी कार्यालय में की गई। जिसके बाद मामला जिले के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया।
