हरदोई, समृद्धि न्यूज। ब्लाक टोडरपुर के अंतर्गत क्षेत्र पंचायत निधि से बनाई गई आर सीसी और डाली गई इंटरलॉकिंग बड़े घोटालों की और इशारा कर रही है।तो वहीं जिम्मेदार आम आदमी से लेकर जन प्रतिनिधियों को मुंह बंद रखने की हिदायत दे रहे हैं।जबकि उक्त ग्राम पंचायत पर भ्रष्टाचार और लापरवाही में अंत्येष्टि स्थल,आर आर सी सेंटर और पंचायत लर्निंग सेंटर के निर्माण कार्यों के लिए लाखों रुपये की धनराशि निकाल लेने के बावजूद कार्य अधूरे पाए जाने बीडीओ के निर्देश पर ग्राम प्रधान श्याम बाबू त्रिवेदी और ग्राम विकास अधिकारी कौशलेन्द्र राजपूत के खिलाफ बेहटा गोकुल थाने में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।
बताते चलें कि ग्राम पंचायत को आर आर सी सेंटर निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि दी गई थी,लेकिन महीनों से काम ठप पड़ा है और केवल नींव से ऊपर तक ही निर्माण कराया गया।अंत्येष्टि स्थल के लिए 24 लाख रुपये से अधिक स्वीकृत हुए,लेकिन छह माह बाद भी कोई कार्य नहीं कराया गया। वहीं पंचायत लर्निंग सेंटर के लिए जारी 7 लाख रुपये में से 90 प्रतिशत धनराशि खर्च दिखा दी गई,जबकि मौके पर भवन अधूरा और बंद पड़ा मिला।मौके पर न फर्नीचर खरीदा गया,न बिजली,न स्मार्ट टीवी और न ही अन्य आवश्यक सामग्री।
पंचायत भवन का हाल भी बदतर मिला।परिसर में जलभराव,टूटी दीवारें,खराब शौचालय,न पेयजल की सुविधा और न ही कंप्यूटर फर्नीचर उपलब्ध पाया गया था है। सचिवालय पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा है।उक्त मामले में बीडीओ और सहायक विकास अधिकारी द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई।
ग्राम पंचायत में बिना काम लाखों रुपये के फर्जी भुगतान को लेकर प्रशासन की इस बड़ी कार्यवाही से ब्लाक ही नहीं जिले के प्रधानों में हड़कंप मचा हुआ है।यहां पर शौचालय निर्माण,अन्त्येष्टि स्थल, पंचायत भवन और मनरेगा के कई कार्यों का स्थलीय परीक्षण किया गया।जिसमें सभी कार्य कागज़ों में ही पूरे दिखाए गए।
क्षेत्र पंचायत निधि में भी गबन को लेकर लोगों ने उठाया सवाल
श्यामबाबू त्रिवेदी न केवल प्रधान हैं,बल्कि ब्लॉक प्रमुख नीतू त्रिवेदी के देवर है जो क्षेत्र पंचायत में भी विकास कार्यों को कराते हैं। लोगों का मानना है कि जब प्रधान पद पर रहकर इतना बड़ा घोटाला कर सकते हैं तो क्षेत्र पंचायत निधि में करोड़ों की धनराशि प्रति वर्ष आती है।ग्रामीणों का कहना है कि सिस्टम की ढील पर भी कार्रवाई होनी चाहिए,क्योंकि करोड़ों की जांच में इतनी बड़ी चूक कहां पर हुई ?
टोडरपुर के प्रधान श्याम बाबू त्रिवेदी क्षेत्रीय विधायक व उच्च शिक्षा राज्यमंत्री के भी बहुत करीबी हैं। इसलिए सत्ता की चादर के पीछे छुपकर किये गए भ्रष्टाचार की आंच को बढ़ बोले नेताजी का रसूख भी ठंडा न कर सका। ऐसे में जिला प्रशासन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि राजनैतिक रसूख चाहें कितना बड़ा हो,गलत कार्यों पर कार्यवाही निश्चित रूप से होगी।
