फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वीबी कटियार, कार्यकारी अध्यक्ष राजेश निराला ने समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री सम्बोधित ज्ञापन नगर मजिस्टे्रट को सौंपा। सेवानिवृत्त कर्मचारी व पेंशनर्स एसोसिएशन एवं शिक्षक महासंघ ने कार्यकारिणी की बैठक कर निर्णय लिया है कि मांगों को पूरा किया जाये। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री सम्बोधित ज्ञापन में दर्शाया कि फाइनेंशियल बिल में पेंशनरी नियमों के बदलाव व अन्य तरीके से देश के करोड़ों कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनरों के हितों पर हो रहे कुठाराघात न किया जाये। आठवें वेतन आयोग से देश के कर्मचारियों, शिक्षकों व पेंशनरों में एक संदेश गया है कि पेंशन का पुनरीक्षण 1 जनवरी 2026 से करना चाहती है, जिससे खुशी का वातावरण है। परन्तु जैसे समय बीतने के साथ निराशा भी होने लगी है, अभी तक आठवें वेतन आयोग के गठन की कार्यवाही नहीं की गई है। साथ ही फाइनेंशियल बिल एक कानून के रुप में सामने आ गया है। पेंशनरी नियमों के बदलाव करके समूह में भेद पैदा करने का प्रयास किया गया है। 31 दिसम्बर 2025 तक सेवानिवृत्त पेंशनरों का पुनरीक्षण नहीं किया जायेगा। इस तरह पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण से डी-लिंक हो जायेगा। २०२४ से महंगाई भत्ते का आदेश कर्मचारियों के लिए हुआ था। 1 जनवरी 2025 से मिलने वाले दो प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त का शासनादेश भारत सरकार द्वारा पेंशनरों के लिए ११ अपै्रल को एक सप्ताह बाद जारी किया गया है। इससे लगता है कि सरकार महंगाई राहत को भी महंगाई भत्ते से डी-लिंक करना चाहती है। एनपीएस की भांति ओपीएस में एक निश्चित धनराशि ताउम्र मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। मांग की पेंशनर्स की राशिकरण की हो रही कटौती १५ वर्ष से घटाकर दस वर्ष लायी जाये। देश में एनपीएस यूपीएस की व्यवस्था के स्थान पर ओपीएस प्रदान की जाये, आदि मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। कार्यकारी अध्यक्ष राजेश निराला, डा0 प्रभुदयाल, डा0 अफल हुसैन के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कर नगर मजिस्टे्रट को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सुरेश चन्द्र सक्सेना, डा0 जीएस राजपूत, सुभाष चन्द्र गुप्ता, सुभाष चन्द्र शर्मा, अखिलेश मुरारी पाण्डेय, रामनंदन बाथम, सियाराम सागर, राजीव कुमार बाजपेयी, राजेश बंसल, अमरनाथ कश्यप, राम औतार पाठक, दरोगा सिंह यादव, अफसर अली, राम पाल शर्मा, यदुनाथ सिंह सोमवंशी, केशव सिंह यादव, समबक्स, लज्जाराम बाथम, राम किशन, बृज बिहारी शुक्ला, कन्हैया लाल वर्मा, विनोद कटियार, वीरेन्द्र भगोलीवाल, अर्जुन सिंह, महेश बाबू मिश्रा, शिव कुमार कटियार, नंदकिशोर शर्मा, विनोद कुमार उपाध्याय, इंदू बाला, विरोनिका चरन, पुष्पा देवी, गंगाश्री मिश्रा, इन्दू चतुर्वेदी, प्रभु दयाल मिश्रा, राम मोहन भल्ला, सुखदेव दीक्षित, डीके सक्सेना, सर्वेश कटियार, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, राम नारायण सक्सेना, अरुण कुमार दुबे, जोगराज सिंह यादव आदि लोग मौजूद रहे।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने आठवें वेतन व पुरानी पेंशन बहाली की उठायी मांग
