
डीएम, एसपी ने घटना स्थल पहुंचकर किया निरीक्षण व लोहिया में घायलों के लिए हाल-चाल
राजेपुर, समृद्धि न्यूज। चालक को झपकी आने पर सवारियों से भरी रोडवेज गूलर के पेड़ से टकरा गयी। हादसा होते ही बस में चीखपुकार मच गयी। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई और सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन में घायल सवारियों को एंबुलेंस की मदद से सीएचसी भिजवाया। जहां से कुछ को लोहिया रेफर कर दिया गया। पुलिस ने घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। सूचना पर डीएम संजय कुमार व एसपी विकास कुमार ने घटना स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया और लोहिया अस्पताल में भर्ती घायलों से पूछताछ की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना राजेपुर के अंतर्गत फर्रुखाबाद बदायूं हाईवे के निकट गांव कुतुलूपुर के सामने बदायूं से आ रही बदायूं डिपो की बस संख्या यूपी 78एचटी/5951 चालक विकास पुत्र राजवीर निवासी गांव बिल्सी देवरी जनपद बदायूं , परिचालक मनोज मिश्रा पुत्र सुरेश चंद्र मिश्रा निवासी बिल्सी देवरी जनपद बदायूं से सवारी भरकर हरदोई जा रहे थे। सुबह समय करीब 4 बजे फर्रुखाबाद बदायूं हाईवे के निकट गांव कुतुलूपुर के सामने रोड के किनारे खड़े गूलर के पेड़ से बस टकरा गयी। टक्कर इतनी भीषण थी कि आसपास के ग्रामीण आवाज सुनकर इक_ा हो गए। बस में बैठी सवारियों में चीखपुकार मच गयी। बताया गया कि चालक को झपकी आ गयी थी। जिससे घटना घटित हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर थानाध्यक्ष दिवाकर प्रसाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर घायलों को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया और सूचना उच्चाधिकारियों को दी। घायलों में सत्यवीर पुत्र नरेंद्र सिंह उम्र 38 वर्ष गांव बिल्सी बेहटा जनपद बदायूं, रामविलास पुत्र छोटेलाल उम्र 42 वर्ष बिसौली थाना पचदेवरा जनपद हरदोई, प्रेमा पत्नी रामविलास उम्र 40 वर्ष जलालाबाद जनपद शाहजहांपुर, शेखर शर्मा पुत्र बड़े लाल उम्र 15 वर्ष, पुष्पा पत्नी सर्वेश उम्र 32 वर्ष निवासी बिल्सी बदायूं, नितिन पुत्र सर्वेश निवासी जलालाबाद जनपद शाहजहांपुर को समुदाय स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने घर भेज दिया। अन्य की हालत बिगडऩे पर लोहिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। सूचना पर पहुंचे जिलाधिकारी संजय कुमार, पुलिस अधीक्षक विकास कुमार, सीओ अमृतपुर, सीडीओ ने घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। वहीं डीएम व एसपी ने लोहिया अस्पताल पहुंचकर घायलों के हाल-चाल लिये।
