संगठन मंत्री से फोन पर अभद्रता करने का मामला
विधायक बोले कार्यकर्ता है, मना लेंगे
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने सदर विधायक सुनील दत्त द्विवेदी की तानाशाही के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने विधायक का पुतला दहन कर उनके शराब के नशे में की गई गाली-गलौज और धमकी की निंदा की।
कार्यकर्ताओं का आरोप: विधायक सुनील दत्त द्विवेदी ने शराब के नशे में न केवल कार्यकर्ताओं को गाली दी, बल्कि उनके घर में घुसकर जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना से कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है और उन्होंने विधायक से माफी मांगने की मांग की है।
(ABVP) के कार्यकर्ताओं ने कहा: “विधायक की यह तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्हें अपनी भाषा शैली ठीक करनी होगी और लिखित रूप से सभी कार्यकर्ताओं से माफी मांगनी होगी। अगर विधायक ऐसा नहीं करते हैं, तो अभाविप अपना आंदोलन लगातार जारी रखेगा।”
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी: अगर विधायक ने अपनी गलती नहीं मानी, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अभाविप के जिला संयोजक ने कहा: “हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो हम सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं करेंगे। विधायक को अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।”
इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ABVP के कार्यकर्ता शामिल हुए और विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मांगें:
– विधायक सुनील दत्त द्विवेदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
– भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसका आश्वासन।
चेतावनी:
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद चेतावनी देती है कि अगर विधायक ने माफी नहीं मांगी, तो आंदोलन और उग्र होगा।
आंदोलन में: प्रांत सहमंत्री प्रियंका माथुर, प्रांत कार्यसमिति सदस्य शिवम कुशवाहा, विभाग सह संयोजक अभिषेक प्रताप सिंह, विभाग संगठन मंत्री संजय प्रताप सिंह, जिला संयोजक सर्वजीत बाजपेई, दीपक वर्मा, प्रेम अग्निहोत्री, उत्कर्ष शुक्ला, दियांशु तिवारी, मयंक प्रताप सिंह, ज्ञान कुमार, सक्षम गुप्ता, ऋतुराज पांडेय, सार्थक मिश्रा, प्रियांशु सक्सेना, सागर श्रीवास्तव, गौरव, विशाल, अभिषेक सक्सेना, शुभम आकर्ष, प्रांजुल सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विधायक बोले कार्यकर्ता है, मना लेंगे
वहीं विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने बताया कि वह मेरे कार्यकर्ता है कोई उनसे नाराजगी नहीं है, अगर बात करने के दौरान उनके मन में कोई नाराजगी आयी है तो मैं मिलकर बात करूंगा और मना लेंगे।
