सत्यगिरि महाराज के नेतृत्व में संतों ने दूसरे स्थान पर किया हवन पूजन
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रशासन द्वारा की जा रही उपेक्षा के चलते साधु संतों का आक्रोश रामनगरिया मेले के शुभारंभ पर साफ दिखायी दिया। साधु संतों ने प्रशासन द्वारा रामनगरिया मेले के शुभारंभ पर किये जा रहे हवन पूजन का बहिष्कार कर स्वयं हवन पूजन कर रामनगरिया मेले का शुभारंभ किया।
बताते चलें कि 3 जनवरी को प्रशासन द्वारा रामनगरिया मेले का शुभारंभ निश्चित किया गया था। तय समय सीमा पर प्रशासन द्वारा मेले के शुभारंभ पर हवन पूजन किया गया। जिसका बहिष्कार करते हुए जूना अखाड़ा के अध्यक्ष सत्यगिरि महाराज ने कहा कि प्रशासन द्वारा उन्हें मेले के उद्घाटन पर अवसर पर आमंत्रित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यह तीसरी बार है, जब मेले के उद्घाटन अवसर पर संत समाज को नजरंदाज किया गया। उन्होंने का कि जबकि मेले को यहां तक पहुंचाने में संत समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने संतों के बिना मेले का कोई अस्तित्व नहीं है, जबकि प्रशासन सिर्फ माध्यम है। प्रशासन के इस कार्य से संत समाज को काफी आघात पहुंचा है। संत समाज इसका पुरजोर विरोध करता है और आगे भी करता रहेगा। हवन पूजन में जूना अखाड़ा के अध्यक्ष सत्यगिरि महाराज, बाबा मनमोहनदास, बच्चा बाबा, कन्हैया बाबा, श्यामपुरी महाराज, रामगिरि महाराज सहित सैकड़ों की संख्या में संतगण व श्रद्धालु आदि मौजूद रहे।
एडीएम बोले: उन्हें ससम्मान आमंत्रित किया गया था
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक)/मेला सचिव दिनेश कुमार ने बताया कि मेला श्रीराम नगरिया के उद्घाटन के संदर्भ में मैं स्वयं जूना अखाड़े के अध्यक्ष सत्यगिरी महाराज को ससम्मान निमंत्रण देने गया था और उन्होंने निमंत्रण को स्वीकार किया था, लेकिन अब वह जो उद्घाटन अवसर पर कह रहे है वह उनका निजी वक्तव्य है।
