समृद्धि न्यूज। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि फॉर्म-7 का गलत तरीके से उपयोग किया जा रहा है, जिससे मुसलमानों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए जा रहे हैं। कौशांबी व रायबरेली तथा फर्रुखाबाद जिले में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और प्रशासन का ध्यान खींचा है। कौशांबी में चायल तहसील में सपा के अल्पसंख्यक सभा के सदस्यों ने चिंता व्यक्त की है कि बीजेपी इस प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रही है। वहीं रायबरेली में समाजवादी पार्टी ने जिला प्रशासन पर मतदाता सूची से मुस्लिम मतदाताओं के नाम फर्जी तरीके से काटने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। 4 फरवरी को भी जिलाध्यक्ष सहित कई नेताओं और विधायकों ने प्रदर्शन किया था। उन्होंने मतदाता सूची पर सवाल उठाते हुए काटे गए नामों को फिर से जोडऩे की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा था, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
कौशांबी जिले में सपा अल्पसंख्यक सभा कार्यकर्ताओं ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा फार्म-7 का गलत इस्तेमाल कर रही है, इसके जरिए वोटर लिस्ट से मुसलमानों के नाम धड़ल्ले से काटे जा रहे हैं। इसे लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को चायल तहसील पर धरना प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनवार खान ने एसडीएम चायल को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि फॉर्म-7 का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। बीजेपी के लोग मुसलमानों के नामों को कटवाले के लिए फॉर्म-7 का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। अनवार खान का कहना है कि चायल तहसील क्षेत्र के पुरखास गांव में बीजेपी नेता आशीष त्रिपाठी द्वारा करीब सौ फार्मों पर हस्ताक्षर कर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के नाम मतदाता सूची से कटवाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि वो लोग मौजूद है। उनका कहना है कि इसी तरह पूरे जिले में बीजेपी के लोग बड़े स्तर फॉर्म-7 का गलत तरीके से इस्तेमाल कर मुसलमानों के नाम कटवा रहे हैं, यह सरासर गलत है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए और जो भी दोषी पाया जाता है, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
वहीं रायबरेली में पार्टी ने सदर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 166 का एक विशिष्ट मामला उजागर किया। यहां 99 मतदाताओं के नाम पर (श्री राम) नामक व्यक्ति ने आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसने अपना मोबाइल नंबर भी पंजीकृत कराया था। जिन मतदाताओं के नाम काटे गए, उनमें से एक ने बताया कि उनके माता-पिता का नाम 2003 से मतदाता सूची में है और उन्होंने फॉर्म 7 भी जमा किया था। मामले की जांच के दौरान, बीएलओ माला श्रीवास्तव ने आपत्ति दर्ज कराने वाले (श्री राम) से संपर्क किया। (श्री राम)ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने कोई आपत्ति दर्ज कराई है। इस खुलासे के बाद सपा खेमे में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। वहीं फर्रुखाबाद में भी ऐसा मामला सपा ने पकड़ा है। जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह यादव ने बताया कि विधानसभा भोजपुर की ग्राम सभा भडौसा में बड़ी मात्रा में फर्जी फार्म-7 प्रिंटिड बीएलओ के पास से पकड़े है। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष अजीत यादव, जिला महासचिव इलियास मंसूरी के अलावा सपा के कई नेता मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी ने कई जिलों में पकड़े फर्जी फार्म-7, राजनीतिक सरगर्मी तेज
