समृद्धि न्यूज। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति डीके अरोड़ा की अध्यक्षता में गठित जांच आयोग ने संभल दंगों की जांच रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। उत्तर प्रदेश के संभल की डेमोग्राफी को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है। संभल में केवल 15 प्रतिशत हिंदू बचे हैं। बाकी सब पलायन कर गए। आजादी के बाद संभल नगर पालिका में 45 प्रतिशत हिंदू थे। इसके बाद से यहां की डेमोग्राफी बदलती गई। तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है। आयोग के सदस्य पूर्व डीजीपी एके जैन ने कहा कि सीएम योगी को सुबह 10 बजे रिपोर्ट सौंप दी गई। जांच आयोग ने 450 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में न केवल 24 नवंबर को हुई हिंसा का जिक्र है, बल्कि संभल में इससे पहले कब-कब दंगे हुए, इनका भी उल्लेख किया गया है। उन दंगों के दौरान क्या-क्या हुआ, इसका भी पूरा विवरण लिखा गया है। संभल हिंसा के बाद न्यायिक आयोग का गठन किया गया था। 24 नवंबर, 2024 को क्षेत्र में हिंसा भडक़ी थी। संभल में मस्जिद में सर्वे करने के दौरान हिंसा हुई थी। न्यायिक आयोग में इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा और रिटायर्ड आईएएस अमित मोहन रिटायर्ड आईपीएस अरविंद कुमार जैन थे। न्यायिक आयोग की टीम ने सीएम योगी से मुलाकात कर गोपनीय जांच रिपोर्ट सौंपी दी है। संभल की रिपोर्ट पर मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि संभल हिंसा पर मुख्यमंत्री योगी ने एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने आज अपनी रिपोर्ट सौंपी है। उस रिपोर्ट में कहा गया कि पहले यहां 45 प्रतिशत हिंदू थे और अब 15 प्रतिशत रह गए हैं। लोगों ने दंगों की वजह से पलायन किया है यह बायस्ड रिपोर्ट है। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि यह दंगा और नफरत फैलाने के लिए है।
संभल: आयोग ने सीएम को सौंपी रिपोर्ट, 15 प्रतिशत बचें हिन्दू
