फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। रविवार को संस्कार भारती द्वारा ग्रीष्मावकाश कला संस्कृति कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण प्रधानाचार्या सुमन त्रिपाठी एवं प्रांतीय महामंत्री सुरेन्द्र पाण्डेय व अध्यक्ष डॉ0 नवनीत गुप्ता, कार्यशाला संयोजक सर्वेश श्रीवास्तव द्वारा किया गया। गौरव मिश्रा (बंटी) द्वारा संस्कार भारती ध्येय गीत का गायन किया गया। सुरेन्द्र पाण्डेय ने संस्कार भारती कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चे गर्मी की छुट्टियों का सदुपयोग कैसे करें, उनको भारतीय कलाओं से कैसे जोड़ा जाए और उनके अंदर ऐसी कलाएं विलुप्त होती जा रही हैं। उन कलाओं को लेकर हम आगे बढ़ सकें इस उद्देश्य से संस्कार भारती ने कार्यशाला का प्रारम्भ संस्कार भारती इकाई द्वारा किया गया था। ऐसी कलाएं जो अब विलुप्त हो रही हैं ऐसी कलाओं को हम आगे बढ़ा सकें। इसी के लिए ऐसी कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार की कार्यशाला में संस्कृति विभाग की तरफ से 15 दिन की कथक कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसका लाभ छात्रायें उठा सकती हैं। संचालन अरविंद दीक्षित के द्वारा किया गया। संचालक द्वारा कार्यशाला प्रशिक्षकों का परिचय कराया गया। उन्होंने बताया कि इस बार की कार्यशाला में कथक-अंजलि चौहान, मेंहदी-प्रिया वर्मा, सौन्दर्यकला-हेमलता श्रीवास्तव, चित्रकला-नेहा सक्सेना, डिजायनर सिलाई-साधना श्रीवास्तव, ढोलक-किरण त्रिवेदी, लोकनृत्य-रजनी लौंगवानी व कोमल शर्मा, नाट्य कला-अरविन्द दीक्षित द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कार्यशाला संयोजक सर्वेश श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि इस बार की कार्यशाला 25 मई से प्रारम्भ होकर 20 जून को समाप्त होगी। मदन मोहन कनौडिया बालिका इंटर कॉलेज में प्रात: 7:30 बजे से 9:30 बजे तक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। सुमन त्रिपाठी ने कहा कि कार्यशाला हमारे विद्यालय में संचालित हो रही है। संस्कार भारती संस्कारों की कार्यशाला है जहां बच्चे विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षित होकर आत्मनिर्भर बन सकते है। अंत में संस्कार भारती के अध्यक्ष डॉ0 नवनीत गुप्ता द्वारा आये हुए सभी अतिथियों, सदस्यों व बच्चों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर दर्शना शुक्ला, अर्पण शाक्य, सरमेंद्र शुक्ल, आदेश अवस्थी, रविन्द्र भदौरिया, नरेंद्र मिश्रा, गौरव मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
संस्कार भारती की ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ
