
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। श्री राधा श्याम शक्ति मंदिर लोहाई रोड पर डॉ0 मनमोहन गोस्वामी द्वारा बृज क्षेत्र वृन्दावन में सिद्ध श्री राधारानी एवं कृष्ण भक्त लाला बाबू को जीवन में परिवर्तन एवं भागवत लीलाओं ने उनकी साधना के द्वारा त्याग तपस्या, भक्ति भावना ने समाज के लोक कल्याण परमार्थ के साथ मानव सेवा का देवदूत बना दिया। वर्तमान में वह नहीं उनके आराध्य देव कृष्णचंद्र एवं राधारानी का प्रसिद्ध मंदिर लालबाबू की स्मृति में याद दिला रहा है। मनमोहन लाल गोस्वामी ने भक्त की कथाओं में कलकत्ता में जिमींदार परिवार के लाला बाबू बंगाल, बिहार, उड़ीसा क्षेत्र से अपार संपदा को त्यागकर वैष्णव संत श्रीकृष्णचंद्र एवं राधा रानी के उपासक बन गये। वृन्दावन की कुंज गलियों के सिद्ध संत के रुप में विख्यात हुए। बचपन में परिवार के संस्कार लाला बाबू अंग्रेजी, फारसी, संस्कृत एवं श्रीमद् भागवत के विद्धान थे। कुछ दिन बंगाल, उड़ीसा के उच्च पद पर अधिकारी रहे। भक्ति भावना के संस्कार के आगे सब कुछ त्यागकर बृज क्षेत्र वृन्दावन चले गये। जीवन की यात्रा में सुख दुख कठिन परिश्रम, भक्ति साधन में मंदिरों का जीर्णोद्धार, जप तप के साथ जीवनयापन करने लगे। उसी समय संतों का सत्संग ईश्वरी कृपा से सांसारिक जीवन से विरत होकर सिद्ध संत के रुप में परमार्थ कार्य सेवा भाव में लोक कल्याण में लग गये। अंतिम समय महा भगवत लाला बाबू की जीवन धारा क्षीर्ण हो गयी और यमुना तट पर युगल सरकार की प्रेममयी लीला के दर्शन करते हुए उनकी लीला में प्रवेश कर गये। भक्तों से प्रेरणा मिलती है कि जीव के उद्धार के लिए सत्संग, भजन की बहुत आवश्यकता है। जीवन में कुछ क्षण के लिए अपने आराध्य का स्मरण करना चाहिए। इस मौके पर सुरेंद्र सफ्फड़ ने व्यवस्था देखी। संचालन बृज किशोर सिंह किशोर ने किया। महाआरती के साथ प्रसाद वितरण किया गया। भक्तों ने हाथ उठाकर भक्तमयी संकीर्तनों पर भाव विभोर होकर कथा का रसपान किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
