फर्रुखाबाद/कायमगंज, समृद्धि न्यूज। बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों की छटनी करने आदि के कारण उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ लखनऊ द्वारा जिला मुख्यालय से लेकर इको गार्डन आलमबाग लखनऊ तक सत्याग्रह किया गया।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा 15 मई 2017 को 33/11 के वी विद्युत उपकेंद्रों के परिचालन एवं अनुरक्षण कार्य हेतु ग्रामीण विद्युत उपकेंद्रों पर 20 कर्मचारियों को तथा शहरी विद्युत उपकेंद्रों पर 36 कर्मचारियों को तैनात करने का आदेश निर्गत किया गया था, लेकिन वर्तमान समय में पावर कॉरपोरेशन एवं इसके सहयोगी निगमन अपने स्वयं के आदेश का उलंघन कर 20 कर्मचारियों के स्थान पर 12.5 कर्मचारियों को तथा 36 कर्मचारियों के स्थान पर 18.5 कर्मचारियों को तैनात किया जा रहा है। जिससे बड़े पैमाने पर बिजली के आउटसोर्स कर्मचारी बेरोजगार हो रहे हैं। संगठन द्वारा उक्त को ध्यान में रखकर 15 मई 2025 को शक्ति भवन लखनऊ पर विशाल सत्याग्रह किया गया।
इसके बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिसके कारण 16 मई से प्रदेश के भिन्न-भिन्न जनपदों में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों से लेकर डिवीजन तक पर सत्याग्रह शुरू कर दिया गया। कायमगंज डिवीजन पर सत्याग्रह किया गया। जनपद में 41 उपकेंद्र है जिन पर पूर्व में 700 कर्मचारी तैनात थे। इसमें अब 523 कर्मचारी रह गए हैं। बाद 181 आउटसोर्स कर्मचारी को वार कर दिया गया है। जिनको अप्रैल माह तक कार्य कराया गया है, परंतु उनका वेतन नहीं दिया गया है, बिना संसाधन के फैसिलिटी अटेंडेंस कराई जा रही है। कर्मचारियों को 8 घंटे के स्थान पर 12 से 24 घंटे और 26 दिन के स्थान पर 30 दिन का लिया जा रहा है और किसी कर्मचारी को कोई छुट्टी नहीं दी जा रही है। इन्हीं मांगों को लेकर जिला मुख्यालय से लेकर केंद्रों पर सत्याग्रह किया जा रहा है, यह सत्याग्रह चालू रहेगा। बड़ी संख्या में आउट सोर्सिंग संविदा कर्मचारियों ने सत्याग्रह आंदोलन में भाग लिया। मांग जब तक पूरी नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आउटसोर्स कर्मचारियों की छटनी के विरोध में किया गया सत्याग्रह
