एपीओ की शह पर बेला सराय गजा में हो रहा मनरेगा में घोटाला

ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्यवाही की उठायी मांग
शमशाबाद, समृद्धि न्यूज।
विकास खंड शमसाबाद क्षेत्र के ग्राम बेला सराय गजा में मनरेगा के तहत एक अमृत सरोवर तालाब का निर्माण कार्य पिछले 17 फरवरी से प्रतिदिन 24 मनरेगा मजदूर कार्य करते हुए कागजों में दर्शाया जा रहा है। वहीं इसी ग्राम पंचायत में डामर रोड से रमेश के खेत व फरीदपुर सीमा तक चक रोड पर मिट्टी कार्य होना दर्शाया जा रहा है, लेकिन मौके पर कोई भी मजदूर कार्य करते हुए नहीं मिला तथा चकरोड पर घास उगी हुई नजर आ रही है। जिसमें सबसे पहले 13 जनवरी से 26 जनवरी तक, 28 जनवरी से 10 फरवरी व 17 फरवरी से 25 फरवरी तक 1480 मज़दूर कागजों में कार्य कर चुके हैं, जबकि धरातल पर थोड़ा बहुत कार्य कर खानापूरी की गई है।

जिससे यह प्रतीत होता है ग्राम पंचायत बेला सराय गजा में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। जो हकीकत को दरकिनार कर कागजों तक सीमित कर दिया गया है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब मौके पर पहुंचकर देखा गया, तो यहां तालाब व चकरोड पर जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जिसमें एपीओ से लेकर रोजगार सेवक तक संलिप्त नजर आ रहे हैं तथा भ्रष्टाचार में आंख मूंदकर भ्रष्टाचारियों का साथ दे रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने यह भी बताया विकास कार्यों के नाम पर या फिर यूं कहें लगभग अधिकांश कार्य सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। ग्रामीणों के अनुसार जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। ग्रामीणों का कहना था अगर प्रशासन द्वारा गहनता से जांच कराई जाए तो भ्रष्टाचारियों की सारी सच्चाई सामने आ सकती है। देखना है जिला प्रशासन अमृत सरोवर निर्माण व चकरोड पर हुए घोटाले के नाम पर जारी भ्रष्टाचार के प्रति क्या कार्रवाई करता है ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। वहीं जब इस संबंध में एपीओ कुलदीप यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पहले कार्य हुआ था, हो सकता है कि प्रधान द्वारा अब हाजिरी लगाई जा रही हो।

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