प्रधान के बैठक में शामिल न होने पर हर बाल टल जाता था चयन
ग्राम पंचायत की वरिष्ठ सदस्य की अध्यक्षता में हुई चयन प्रक्रिया
नवाबगंज, समृद्धि न्यूज। बार-बार बैठक करने के उपरांत भी जब ग्राम प्रधान नहीं आये, तब जिला अधिकारी के अनुमोदन पर वरिष्ठ सदस्य की अध्यक्षता में कोटेदार का चयन किया गया।
जानकारी के अनुसार नवाबगंज विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत नगला केल में दो वर्ष पूर्व ग्रामीण अच्छन खाँ कोटेदार हुआ करते थे, लेकिन ग्राम प्रधान नगला केल घनश्याम शाक्य ने अपने सत्ता पक्ष का फायदा उठाते हुए कोटा निरस्त कराकर अपने ही घर में अपनी मां कलावती के नाम कोटे का चयन करा लिया था। जिस पर ग्रामीणों को जानकारी होने पर उन्होंने कानूनी प्रक्रिया अपनाकर कोटा निरस्त करवा दिया था। तब से लगातार ग्राम सचिव मोतीलाल यादव बैठक कर कोटे की चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ते थे, लेकिन किसी भी बैठक में ग्राम प्रधान नहीं आते थे। जिस पर ग्राम सचिव का हजारों रुपया खर्च हुआ करता था। जिसकी शिकायत ग्राम सचिव तथा विकास खंड अधिकारी ने जिला अधिकारी से की थी। तब जिला अधिकारी ने अनुमोदन कर कोटा चयन करने के निर्देश दिए। जिस पर मंगलवार को हुई बैठक में ग्राम प्रधान नहीं आए, तब ग्राम पंचायत की बैठक कर वरिष्ठ सदस्य राधा देवी की अध्यक्षता में प्रधान के ना आने पर कोटे का चयन कराया गया। जिसमें बाबा ब्रह्मदेव महिला स्वयं सहायता समूह तथा रामजी महिला समूह नगला चंपत जो 6 माह पूर्व समूह बनाया गया था उसने भी कोटे के लिए आवेदन किया था। वहीं वर्तमान प्रधान की मां कलावती पत्नी प्रेमलता के नाम से बजरंग महिला स्वयं सहायता समूह ने कोटा चयन के लिए आवेदन किया था। जिसमें अधिकारियों के निर्देश के चलते ग्राम प्रधान के परिवार को कोटा चयन नहीं हो सकता था। वहीं दूसरे नंबर पर 6 माह पूर्व बने रामजी महिला स्वयं सहायता समूह को भी कोटे के दायरे में नहीं लाया गया। जिस पर बाबा ब्रह्मदेव महिला स्वयं सहायता समूह के नाम कोटे का चयन भारी पुलिस बल की मौजूदगी में किया गया। कई बार अधिकारियों व कर्मचारियों की ग्रामीणों से तथा समूह की महिलाओं से नोकझोंक भी हुई। जिस पर थाना पुलिस ने मामले को कड़ाई से संभाला। इस मौके पर वीडियो आईएसबी सुखदेश सिंह, सचिव सुनील गौतम, नगला केल की ग्राम पंचायत के सचिव मोतीलाल यादव, ब्लॉक मिशन मैनेजर अनुज शुक्ला तथा मौके पर पुलिस बल मौजूद रहा।
ब्रह्मदेव महिला स्वयं सहायता समूह के नाम कोटे का हुआ चयन
